रिपोर्ट: विनोद विरोधी
गया, बिहार।
लोक समिति समिति , छात्र - संघर्ष वाहिनी और मजदूर - किसान समिति के एक प्रतिनिधिमंडल लोक समिति के राष्ट्रीय संयोजक कौशल गणेश आजाद के नेतृत्व में समाहर्ता, गया से समाहरणालय कक्ष में मिला और नौ सूत्री मांगों से संबंधित स्मार पत्र दिया। जिसमें बाराचट्टी प्रखंड के काहुदाग पंचायत के कोहवरी में भूदान से 450 परिवारों के नाम से मिली जमीन को परवाना के आधार पर नापी कराकर कब्जा दिलाने , डोभी प्रखंड के कुशा - वीजा पंचायत स्थित अंबेडकर नगर ( पिपरघट्टी) 500 दलित और गरीब परिवार दशकों से बसे हुए हैं जिन्हें वासगीत पर्चा दिलाने , बोधगया प्रखंड के बारां , नबीचक , खजबत्ती के मजदूरों व गरीबों को वासगीत पर्चा दिलाने, सभी विद्यालयों में विषयवार शिक्षक , पुस्तकालय और उच्च विद्यालयों में प्रयोगशाला की शीघ्र व्यवस्था करने , बिहार में एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केटिंग कमिटी ( APMC )के तहत मंडी को बहाल करने , न्यूनतम समर्थन मूल्य ( MSP ) का कानून बनाने , किसान सम्मान योजना के तहत मिलने वाली राशि 500/ रुपए प्रतिमाह से बढ़ाकर 5000 / रुपए प्रतिमाह करने और वृद्धावस्था पेंशन की राशि बढ़ाकर 3000/ रुपए प्रतिमाह करने की मांग की गई । समाहर्ता ने प्रतिनिधिमंडल की बात को बहुत ही धैर्य पूर्वक सुना और जिला से संबंधित मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने और सरकार से संबंधित मांगों को राज्य सरकार को भेजने का आश्वासन दिया ।
लोक समिति के राष्ट्रीय संयोजक कौशल गणेश आजाद ने कहा कि किसान सम्मान योजना के तहत मिलने वाली राशि बहुत ही कम है । मुर्गी को दाना देने जैसा है । इसी तरह वृद्धावस्था पेंशन की राशि बहुत कम है । इस कमरतोड़ महंगाई में वृद्धों के लिए जो राशि निर्धारित है बहुत ही कम है । वे सम्मानजनक जिंदगी नहीं जी सकते ।
उन्होंने कहा कि एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केटिंग कमिटी (APMC) के तहत संचालित मंडी को खत्म कर दिया। जिससे बिहार के किसानों को बहुत ही घाटा उठाना पड़ रहा है। किसानों की उपज की खरीद के लिए पैक्स दिया गया है पर पैक्स की लचर व्यवस्था के कारण किसानों को अपना उपज बिचौलियों के हाथों औने पौने दामों पर बेचना पड़ता है। आश्चर्य तो ये कि 2006 में बिहार APMC के तहत संचालित मंडी को खत्म किया गया और उसी साल स्वामीनाथन आयोग ने देश भर में एपीएमसी के तहत संचालित मंडी की संख्या को 7000 से बढ़ाकर 41000 करने की अनुसंशा की थी ।
श्री आजाद ने कहा कि 25 मई को बोधगया में किसान - मजदूरों का एक सम्मेलन हुआ था । जिसमें उपरोक्त मांगों के समर्थन में सर्वसम्मति प्रस्ताव पारित किया गया था। इसी कड़ी में आज एक प्रतिनिधिमंडल समाहर्ता से मिला और स्मार पत्र सौंपा । प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय संयोजक कौशल गणेश आजाद के अलावा सर्वश्री बिशुनधारी यादव , जिला संयोजक , मजदूर - किसान समिति , बालेश्वर मांझी, राजेन्द्र मांझी , जगदेव सिंह , मल्लू मांझी , सुमन देवी और रमेश शामिल थे ।
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