शहाबुद्वीन अहमद
बेतिया(पश्चिमी चंपारण)बिहार।
जिले के 5 प्रखंडों में कार्यरत मनरेगा के पीओ की कार्य में लापरवाही बरतने से इन प्रखंडों की रैंकिंग निचले स्तर तक पहुंच गई है,जिसके कारण इन पांचों प्रखंडों के पीओ कार्यवाही के जद में आ गए हैं,पिछड़े हुए प्रखंडों में मधुबनी,चनपटिया,लोरिया, पिपरासी, और सिक्टा शामिल हैं। उप विकास आयुक्त,अनिल कुमार ने संवाददाता को बताया कि इन पांचों पीओ से स्पष्टीकरण की मांग की गई है,साथ ही इनके मई माह के मानदेय भुगतान पर रोक लगा दिया गया है। डीडीसी ने संवाददाता का आगे बताया कि इन पांच प्रखंडों के पीओ की लापरवाही के कारण मनरेगा योजना का क्रियान्वयनअच्छे से नहीं होने और कम होने के कारण जिले में प्रखंडों की रैंकिंग नीचे चली गई है। स्पष्टीकरण की मांग में कहा गया है कि मनरेगा के पौधारोपण,विभिन्न योजनाओं जिसमें,मानव दिवस सृजन, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति मानव दिवस, पौधारोपण निरीक्षण,एनआरएम कार्यों का व्यय,एबीपीएस कार्य और एरियाऑफिसर ऐप से सर्वेक्षण की स्थिति काफी दयनीय है।सभी पीओ से 3 दिन के अंदर स्पष्टीकरण की मांग की गई है। इन पांचों प्रखंडों में रैंकिंग क्रमश: 18 वें से लेकर 14 वें स्थान पर आ गए हैं,जो इनकी कार्य क्षमता की घोर लापरवाही का द्योतक है।
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