मरुस्थलीकरण से वन्य जीवन,मानव आबादी और परिस्थितिकी तंत्र पर होंगे गंभीर परिणाम...ज्योति बाबा
हफ़ीज अहमद खान
कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश।
विश्व मरुस्थलीकरण एवं सूखा रोकथाम दिवस 2023 की थीम उसकी भूमि- उसके अधिकार जो महिलाओं के भूमि अधिकारों पर केंद्रित है तथा वर्ष 2030 तक लैंगिक समानता और भूमि क्षरण तटस्थता के परस्पर वैश्विक लक्ष्यों को प्राप्त करने एवं कई अन्य सतत विकास लक्ष्यों की उन्नति में योगदान देने हेतु आवश्यक है उपरोक्त बात नशा मुक्त समाज आंदोलन अभियान कौशल के तहत सोसाइटी योग ज्योति इंडिया के तत्वाधान में मिडास परिवार के सहयोग से विश्व मरुस्थलीकरण एवं सूखा रोकथाम जागरूकता दिवस के परिप्रेक्ष्य में आयोजित सेमिनार शीर्षक क्या पेड़ों की अंधाधुंध कटान व जल स्रोतों का शोषण बढ़ते मरुस्थलीकरण का प्रमुख कारण है पर अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्त अभियान के प्रमुख नशा मुक्त समाज आंदोलन अभियान कौशल के नेशनल ब्रांड एंबेसडर योग गुरु ज्योति बाबा ने कही,ज्योति बाबा ने आगे कहा कि मरुस्थलीकरण और सूखा रोकथाम प्रमुख वैश्विक पर्यावरण चुनौतियां हैं जो लाखों लोगों की आजीविका को खतरे में डालती हैं विशेषकर शुष्क और अर्ध शुष्क क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की। यह दिन हमारे ग्रह के बहुमूल्य प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करने और सभी के लिए एक स्थाई भविष्य सुनिश्चित करने के लिए कार्यवाही करने की तत्काल आवश्यकता की याद दिलाता है ज्योति बाबा ने आगे कहा की पेड मरुस्थलीकरण और सूखे से निपटने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है वे मिट्टी को स्थर करने और कटाव को रोकने में मदद करते हैं। पेड़ लगाना बदलाव लाने का एक सरल और प्रभावी तरीका है!
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