Tranding

दर्जी के बेटे सैय्यद अंसारी का कनिष्ठ अभियंता पद पर चयन।

आर्थिक तंगी को झेलते हुए पाई कामयाबी । 

करुणाकर राम त्रिपाठी

महराजगंज, उत्तर प्रदेश।

कर्मचारी चयन आयोग की अखिल भारतीय कनिष्ठ अभियंता भर्ती परीक्षा 2023 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया ,जिसमें सिविल इलेक्ट्रिकल तथा मेकेनिकल की 1374 सीटों के लिए डिप्लोमा , बीटेक तथा एमटेक योग्यता रखने वाले लाखों अभ्यर्थी शामिल हुए थे । जिसमे महुवा शुक्ला , पनियारा निवासी दर्जी नैमुल्लाह अंसारी के पुत्र सैय्यद अंसारी ने अखिल भारतीय कनिष्ठ अभियंता भर्ती परीक्षा में कामयाबी हासिल कर सीपीडब्ल्यूडी में कनिष्ठ अभियंता पद पर चयनित होकर क्षेत्र को गौरवांवित कर दिया । सैय्यद अंसारी की प्रारंभिक शिक्षा एमएसआई इंटर कॉलेज गोरखपुर से हुई । उसके बाद घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण राजकीय पॉलीटेक्निक लखनऊ से सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया। जिससे कि जल्दी कहीं न कहीं प्राइवेट या सरकारी इंजीनियर के रूप में जॉब मिल सके और घर को आर्थिक मदद मिल सके। सैय्यद के अब्बू जनाब नैमुल्ला अंसारी कपड़े की सिलाई का काम करते हुई घर का भरण पोषण करते हैं। लेकिन इन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। पढ़ाई में शुरू से ही मेहनती सैय्यद ने डिप्लोमा के दौरान ही नॉन्टेक्निकल सब्जेक्ट्स पर अच्छी समझ बना ली थी, बस इंजीनियरिंग सब्जेक्ट्स की बेहतर तैयारी के लिए प्रयागराज के गुरुजन नवीन वर्मा और रविशंकर वर्मा के मारदर्शन में तैयारी की। पहली बार में ही पिछली साल एसएससी जेई भर्ती परीक्षा में प्रारंभिक परीक्षा में सफलता हासिल करने के बाद मुख्य परीक्षा में असफल हो गए , लेकिन हिम्मत नहीं हारी, आत्मविश्वास और सतत परिश्रम के दम पर सीपीडब्ल्यूडी में कनिष्ठ अभियंता पद पर चयनित होकर पैरेंट्स सहित गुरुजनों को गौरवांवित कर दिया। अभी हाल में ही घोषित बिहार में अमीन पद पर भी चयन हुआ है। अपनी सफलता का श्रेय अपने गुरुजनों के साथ ही अपने दोस्तों को दिया, क्योंकि समय समय पर इन्ही लोगों ने मेरा हौसला अफजाई करते रहे। बेटे की कामयाबी की खबर सुन कर मां हबीबुन निशा और दादा मुस्तफा अंसारी की आंखे खुशी से नम हो गई। बड़े भाई गुलशन अंसारी आईओसीएल में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में एप्रेंटिस ,छोटा भाई सहबान अंसारी ग्यारहवीं और बहने जूनियर हाईस्कूल में पढ़ाई करते हैं। 

एक सवाल के जवाब में सैय्यद अंसारी ने कहा कि आज के दौर में किसी भी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए हाईस्कूल से ही सभी सब्जेक्ट्स को अच्छे से पढ़ने की जरूरी है। जब तक अंतिम मंजिल न मिल जाए तब तक छात्र को अनुशासित जीवन जीना आवश्यक है। सैय्यद अंसारी बताते है कि जब कभी डिमोटिवेट होते थे तो महराजगंज के पीसीएस सिलेक्टेड चर्चित शिक्षक जावेद आलम के संघर्षों की जिंदगी से आत्मविश्वास मिलता था। एक्सीलेंटविजन टेक्निकल एकेडमी के शिक्षकगण सुमित सेंगर, अनुराग सिंह , बलवीर सिंह और अंबरीश श्रीवास्तव ने बधाइयां दी।

Karunakar Ram Tripathi
161

Leave a comment

Most Read

Advertisement

Newsletter

Subscribe to get our latest News
About IndiaKhabar

IndiaKhabar is an independent online news portal committed to accurate, timely and responsible journalism.

Follow Us

© 2026 IndiaKhabar. All rights reserved.