सिर्फ टैक्स के पैसे से 2047 मे विकसित भारत की कल्पना बेमानी
रिपोर्ट: विनोद विरोधी
गया, बिहार।
राष्ट्रीय जनता दल के प्रांतीय सचिव विनय कुशवाहा ने
सरकार के अंतरिम बजट 2024- 25 पेश करने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने इस बजट में ऐसी कोई प्रावधान नहीं किया जिससे 2047 में देश विकसित देशों की श्रेणी में खड़ा होगा।केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सिर्फ इनकम टैक्स और जीएसटी से विकसित भारत बनाने की 2047 तक परिकल्पना कर रही है।उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना, उज्जवला, किसान सम्मान, 2 करोड नए घर यह सब चुनावी लोक लुभावन वादे हैं। जो पहले से भी चल रही है। मुफ्त अनाज देने की बात की,लेकिन रोजगार पर कोई पहल नहीं किया ।
प्रधानमंत्री ने पूर्व में ही 2022 तक गरीबों को सबको पक्के घर देने का वादा किया था लेकिन अभी तो कुछ नहीं हुआ।
इस बजट में युवाओं को नौकरी रोजगार कैसे मिलेगी, किसानों के लिए सिंचाई खाद बीज कैसे मुहैया कराया जाएगा, देश की नदियों की जोड़ने का प्रस्ताव, नई रेलवे में लाइन बिछाने की कार्य योजना, महिलाएं कामकाजी बनाकर आत्मनिर्भर कैसे होगी, 65% प्रतिशत देश के नौजवानों के लिए रोजगार सृजन कैसे होगा, गरीब मजदूर स्वावलंबी कैसे होंगे, उद्योग धंधे की स्थापना कैसे होगी इस बजट में कोई प्रावधान नहीं है।
सिर्फ देश के लोगों से इनकम टैक्स जीएसटी लेकर विकसित भारत बनाने की कल्पना मात्र है।
बजट में कोई भी ऐसी योजना नहीं बनाई गई जिससे आने वाले दिनों में सकल घरेलू उत्पादन बढ़े। सिर्फ अपने आने वाला लोकसभा चुनाव को देखते हुए इस देश के लोगों को दिगभ्रमित करने के लिए सिर्फ दिवास्वप्न दिखाने का काम किया गया है।उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के 9 वर्षों में 181% विदेशी कर्ज इस भारत पर बढा है जो 155 लाख करोड़ होता है।
इस बजट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिर्फ कर्ज लेकर घी पीने की बात की है।इस बजट में कुछ भी नहीं है जिससे भारत विकसित होगा।
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