अस्पताल में बिल न चुका पाने व की स्थिति में बॉडी को रोकना मानव अधिकार का हनन।
सेराज अहमद कुरैशी
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
इंडियन ह्यूमन राइट्स आर्गेनाईजेशन के प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव शहाब हुसैन ने बताया हमारा मानना है कि देश के किसी भी अस्पताल में अगर किसी का निधन होता है तो उसका शव उनके घर तक श्रद्धा भाव से पहुंचने की व्यवस्था होनी चाहिए। साथ ही सभी अस्पतालों में मोर्चरी (शव रखने) की व्यवस्था भी होनी चाहिए ताकि मध्य रात्रि में ही अस्पताल तीरमदारों को ले जाने के लिए बाध्य ना कर सके अगर किसी के पास शव जलाने के लिए पैसा ना हो तो शमशान के व्यवस्थापकों को मृतक के परिजनों से एक फार्म भरवा कर मुफ्त बॉडी जलाने की सुविधा प्रदान की जानी चाहिए। समाज के सभी तबको को मिलकर धार्मिक व सामाजिक कार्य के लिए आगे आना होगा और सभी एक दूसरे धर्म के प्रति आदर व सद्भाव की भावनाओं से आपसी मेलजोल की नई व्यवस्था में निरंतर प्रयासरत होना पड़ेगा तभी एक स्वस्थ स्वच्छ व एक शक्तिशाली भारत देश का उदय होगा ।भारत देश में सदा ही सभी धर्म, जाति ,काले गोरे भेदभावहीन, मूलतःमौलिक अधिकार,एक समानता एवं सम्मान आदि को सदैव एक उच्च स्थान सभी को मिलता चला रहा है। यह एक शशक्त भारत की पहचान है।
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