हफ़ीज अहमद खान
कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश।
राष्ट्र जीवन का आधार कर्तव्य बोध है उसी प्रकार लोक जीवन का आधार भी कर्तव्य बोध है। इस सूक्ति से पंडित हृदय नारायण दीक्षित ने राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ कानपुर प्रान्त द्वारा आयोजित कर्तव्य बोध दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के कर्तव्य बोध दिवस कार्यक्रम जी एस वी एम मेडिकल कॉलेज सभागार में सम्पन्न हुआ जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में ओजस्वी वक्ता एवम पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री हृदय नारायण दीक्षित रहे। वैदिक सिद्धान्तों से जोड़ते हुए शिक्षकों के लिए कर्तव्य बोध हेतु एक वाक्यांश समर्पित किया " कुछ भी करिए संग में पढ़िए और पढ़ाइये। दिन भर के कार्यवृत्त में उन्होंने शिक्षकों से कहा कोई भी कार्य करिए संग में पढ़िए और पढ़ाइये।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष डॉ निर्मला यादव ने शिक्षिका बहनों से शक्ति स्वरूपा बनकर आगे आने को कहा। प्रदेश संगठन मंत्री उच्च शिक्षा डॉ दिलीप सरदेसाई ने संगठन की रीति नीति और पदाधिकारियों द्वारा संगठनात्मक कर्तव्य बोध का आवाहन किया।
प्रदेश संयुक्त महामंत्री शैलेंद्र द्विवेदी ने बताया कि कानपुर प्रान्त से लगभग 1000 प्रितिनिधियों को कार्यक्रम में संभाग करने की संभावना थी परंतु 4217 से अधिक रजिस्ट्रेशन होना संगठन के प्रति शिक्षकों की निष्ठा एवम विस्वास को प्रदर्शित करता है। उन्होने पिछले सत्रों में प्राथमिक, माध्यमिक एवम उच्च शिक्षा से जुड़ी उपलब्धियों के बारे में भी बताया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ पवन मिश्र ने किया एवम धन्यवाद ज्ञापन डॉ ए बी जायसवाल ने किया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अजीत सिंह प्रदेश अध्यक्ष प्राथमिक संवर्ग,डॉ रतन लाल, डॉ संतोष शुक्ला, डॉ अजीत सिंह, मातादीन द्विवेदी, डॉ पंकज शुक्ला,डॉ अरुणेश अवस्थी, चंद्र दीप यादव, राहुल मिश्रा, शैलेंद्र अवस्थी, अम्बरीष शुक्ल, सर्वेश तिवारी, आफताब आलम, रचना अवस्थी, अलका, सुयश शुक्ला, विवेक,रजनीश, आसुतोष, राकेश,पूनम, शेखर चौधरी, विश्नाथ कटियार, विवेक अवस्थी, रोहित कन्नौजिया, विमल गुप्ता, मनीष सिंह समेत हज्जारों शिक्षक मौजूद रहें।
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