शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया,पश्चिमी चंपारण, बिहार।
आगामी लोकसभा चुनाव 2024 में विभिन्न पार्टियों, निर्दलीय पार्टियों के प्रत्याशियों के द्वारा अपने चुनावी क्षेत्र में मतदाताओं को लुभाने के लिए भारी पैमाने पर जाली नोटों की खपत होना निश्चित लग रहा है, इसको लेकर जाली नोटों के तस्करों का सक्रिय होना भी स्वाभाविक बात है,क्योंकि सभी पार्टियों के प्रत्याशी, निर्दलीय प्रत्याशी भीअपने क्षेत्र में लोकलुभावन वादों,नारों, आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए जाली नोटों का सहारा लेना एकआम बात बन गई है, क्योंकि प्रत्याशी और मतदाता दोनों एक दूसरे से छिपे तौर पर लेनदेन का काम करते हैं, इसलिए लिफाफा केअंदर रखे गए रूपयों कीअसलियत उस समय पता नहीं चल पाता है, जब लिफाफा खोलकर देखा जाता है तो असली है या नकली।इसके बाजारों में प्रचलन के बाद ही पता चल पाता है,जब तक चुनाव का समय खत्म हो जाता है,साथ ही प्रत्याशी के हार जीत का फैसला हो जाता है,तो फिर मतदाताओं को दिए गए रूपयों को कौन पूछने वाला है, प्रत्याशी अपनाअपना रास्ता देख लेते हैं,विजयी प्रत्याशी तो पूछेंगे भी नहीं,और निर्दलीय प्रत्याशियों का क्या पूछना, कहीं नजर भी नहीं आएंगे।इसअवसर पर जाली नोटों के सरगना बहुत सक्रिय नजर आ रहे हैं,कई जगह से जाली नोटों को पकड़ा भी गया है,साथ ही पकड़ने के लिए छापेमारी भी की जा रही है,पुलिस प्रशासन सभी वाहनों की चेकिंग भी कर रही है,जिससे इस तरह की जाली नोटों के सक्रिय सरगना को पकड़ा जा सके। जाली नोटों के सरगना,तस्कर,बिहार, बंगाल,यू पी,आंध्र प्रदेश,मध्य प्रदेश बल्कि यूं कहा जाए कि पूरे भारतवर्ष में इस वर्ष लोकसभा चुनाव 2024 होने जा रहा है,जिससे वह काफी सक्रिय नजरआ रहे हैं।इस जिले में भी नौतन प्रखंड, गोपालगंज में कई प्रखंड में जाली नोटों का सरगना काफी सक्रिय होते नजरआ रहे हैं, बल्कि यूं कहा जाए तो ज्यादा अच्छा होगा कि नौतन और गोपालगंज में जाली नोटों के कारोबारों का हब बन गया है। बिहार सहित विभिन्न राज्यों से सूचना प्राप्त हो रही है कि पुलिस छापेमारी में कई करोड़ रुपए का जाली नोट पकड़ रहा है,जो लोकसभा चुनाव 2024 में प्रत्याशियों कोअपने मतदाताओं को रिझाने के लिए बांटने की आवश्यकता प्रतीत होगी,जैसा कि विगत विभिन्न चरणों के चुनाव में देखा गया है।
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