सैय्यद फरहान अहमद
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
मरकजी मदीना जामा मस्जिद रेती चौक में दर्स (व्याख्यान) हुआ। जिसमें मस्जिद के इमाम मुफ्ती मेराज अहमद कादरी ने कहा कि कुर्बानी करने का हुक्म क़ुरआन-ए-पाक में दिया हुआ है। कुर्बानी करना वाजिब है। कुर्बानी हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की सुन्नत है। जो इस उम्मत के लिए बरकरार रखी गई है और पैगंबरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को इसका हुक्म दिया गया है। इस पर्व में हर वह मुसलमान जो आकिल, बालिग, मुकीम, मर्द, औरत जो कुर्बानी के तीनों दिन के अंदर जरुरते अस्लिया को छोड़कर, कर्ज से फारिग होकर तकरीबन 45 हजार रुपये का मालिक हो जाए तो उसके ऊपर कुर्बानी वाजिब है। इसी वजह से हर मुसलमान इस दिन कुर्बानी करवाता है।
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