मेराज अहमद
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
थाना गगहा पर आवेदिका द्वारा तहरीर दिया गया कि दिनांक 28.08.24 की सुबह 04 बजे 03 अज्ञात व्यक्तियों द्वारा आवेदिका के घर में घुसकर आवेदिका को बंधक बना कर घर में से ज्वैलरी तथा नकदी लेकर चले गये । इस सूचना पर थाना पुलिस द्वारा तत्काल घटनास्थल पर जाकर जांच की गयी तो पाया गया कि आवेदिका/पीड़िता के घर मे अज्ञात व्यक्तियों के प्रवेश करने तथा घर से बाहर जाने के कोई साक्ष्य नही पाये गये तथा इस संबंध मे आसपास के लोगों से भी जानकारी का प्रयास किया गया तो बताने में असमर्थ रहे । पुलिस द्वारा पीड़िता/आवेदिका तथा उसके परिजनों से तथा आसपास के लोगों से पूछताछ की गयी तो जानकारी मे आया कि आवेदिका/पीड़िता फ्यूजन नामक स्वयं सहायता समूह मे विगत दो वर्षों से कार्य कर रही थी । आवेदिका द्वारा 01 वर्ष पूर्व लगभग 70 हजार रुपये का ऋण लिया गया था तथा ऋण का आधा पैसा आवेदिका द्वारा किस्त के द्वारा वापस जमा कर दिया गया था । ऋण का आधा पैसा अभी आवेदिका पर बकाया था तथा आवेदिका वर्तमान मे तंगी के कारण किस्त जमा नही कर पा रही थी । अतः आवेदिका द्वारा शेष ऋण की धनराशि जमा न करनी पड़े इसके लिए उक्त चोरी/लूट की भ्रामक एवं झूठी सूचना थाना गगहा पर दी गयी । आवेदिका को इस संबंध मे पूर्ण जानकारी थी कि यदि वह अपने घर मे चोरी/लूट होने की सूचना पुलिस को देगी तो उसकी बकाया किस्त कम्पनी द्वारा मांफ कर दी जायेगी । उपरोक्त जानकारी के बाद पुलिस द्वारा आवेदिक/पीड़िता से उपरोक्त सूचना के संबंध मे पूछताछ की गयी तो उसके द्वारा उपरोक्त तथ्यो का समर्थन किया गया तथा जिसके संबंध में थाना स्थानीय पर दूसरा प्रार्थना पत्र दिया गया व घटना में चोरी/लूट होना बताये गये सभी जेवरात अपने घर के अन्दर कमरे मे बने टांड़/पटनी पर डिब्बे मे रखे पुलिस को दिखाया गया । जांच के क्रम में आवेदिका के साथ चोरी/लूट होने की घटना असत्य पायी गयी है ।
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