शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार
स्थानीय शहर के एयर क्वालिटी इंडेक्स बढ़कर 230 हो गया है,जो स्वास्थ्य की दृष्टिकोण से बेहद घातक है। इसके नार्मल करने के लिए प्रशासन की तरफ से कोई खास कदम नहीं उठाया जा रहा है,जो कार्रवाई की जा रही है वह संतोषप्रद नहीं है, जिसके कारण जहरीली हवा में सांस लेकर लोग बीमार पड़ रहे हैं।नगर में जगह-जगह बिखरे कूड़े कचरे से निकलने वाले बदबू,आग की धुआं, उगलते वाहन का धुआं,सड़क जाम,आग के लिए कोयला का उपयोग,सड़कों पर उड़ रहे धूलकरण के कारण एयर क्वालिटी इंडेक्स मानक से काफी बढ़ गया है।
शहर के प्रसिद्ध चिकित्सक, डॉक्टर प्रदीप कुमार ने संवाददाता को बताया कि स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से एक एक्यूआई 50 के आसपास रहना बेहतर है,अगर 100 भी रहे तभी कोई नुकसान नहीं है, लेकिनअगर यह 200 से या इससेअधिक हो जाता है तो यह समझा जाता है की हवा में प्रदूषण है,प्रदूषित हवा में छोटे-छोटे कारण रहते हैं,जो स्वास्थ्य के लिए घातक है। सांस के द्वारा हमारे शरीर में प्रवेश कर जाते हैं,ऐसे में खांसी,सांस लेने में दिक्कत, फेफड़ों में इन्फेक्शन, नाक,कान,गले में इनफेक्शन, स्किन से जुड़ी समस्याएं, बालों का झड़ना आदि समस्याएं पैदा करते हैं,इसके अलावा जो लोग पहले से सांस,अस्थमा,बीपी के रोग से ग्रसित रहते हैं,उन्हें खास तौर पर सावधानी बरतनी चाहिए। इस हवा में सांस लेने पर हृदय रोग,अस्थमा,एलर्जी,सर्दी खांसी, चर्म रोग की शिकायत बढ़ जाती है।
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