अर्जक पद्धति से हुआ अंतिम संस्कार
रिपोर्ट:विनोद विरोधी
गया, बिहार
जिले के वजीरगंज प्रखंड के दखिनगांव निवासी और अर्जक नेता 75 वर्षीय ब्रह्मदेव प्रसाद की मृत्युपरांत आज सुबह स्थानीय श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। उनकी अर्थी को उनकी पुत्रियों रंजू और आरती, बहु अदिति और रंजना, भतीजियों पूनम और प्रतिमा ने भी कंधा दिया। उनके शिक्षक पुत्र सदन वर्मा और भतीजा चंद्रभूषण प्रसाद ने अंतिम संस्कार में अहम भूमिका निभाई।
उनके शवयात्रा में मृतक के भाई ईश्वर दयाल मौर्य के अलावा अर्जक संघ के वरिष्ठ नेता उपेंद्र पथिक, श्याम किशोर प्रसाद, राजनंदन प्रसाद, रजनीकांत रवि, नागमणि प्रसाद, देवानंद प्रसाद,रामबली प्रसाद मुसाफिर कुशवाहा, उदय वर्मा इंद्रदेव प्रसाद समेत सैकड़ों ग्रामीण और सगे संबंधी शामिल हुए।संघ के नेता श्री पथिक ने बताया कि अर्जक संघ स्त्री-पुरुष में समानता लाने और सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक रूढ़ियों की जगह विज्ञान सम्मत विचार और मानववाद का पक्षधर है। महिलाओं को भी समाज में उचित सम्मान देने के उद्देश्य से महिलाओं ने अर्थी को कंधा दिया। खुद उनके एकमात्र पुत्र सदन वर्मा ने न तो इस अवसर पर उतरी पहना और न ही सिर मुड़वाया।
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