शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार
पश्चिम एशिया समेत विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के द्वारा अंतर्राष्ट्रीय मानवता एकता दिवस पर कार्यक्रमआयोजित किए गए,जिसमें,मदर ताहिरा चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक डॉअमानुल हक ने संयुक्त रूप से कहा कि प्रत्येक वर्ष अंतरराष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 20 दिसंबर को मनाया गया,इसका मुख्य उद्देश्य विश्व के सभी लोगों के बीच एकजुटता के महत्व को बताने के लिए,गरीबी पर अंकुश लगाने एवं विकासशील देशों में मानव एवं सामाजिक विकास को बढ़ावा देना मुख्य उद्देश्य है। संयुक्त राष्ट्र सहस्राब्दी घोषणा केअनुसार, एकजुटता उन मूलभूत मूल्यों में से है।विविधता में एकता का उत्सव मनाने और एकजुटता के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 20 दिसंबर को विश्व स्तर पर अंतर्राष्ट्रीय मानव एकता दिवस मनाया जाता है।संयुक्त राष्ट्र सहस्राब्दी घोषणा के अनुसार, एकजुटता उन मूलभूत मूल्यों में से है जो अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के लिए आवश्यक हैं। विश्व में हिंसा एवं युद्ध जारी है। यूक्रेन एवं रूस युद्ध के आग में जल रहे हैं।इजराइल,फिलिस्तीन संघर्ष लगभग 7 दशकों से जारी है। सीरिया समेत पश्चिम एशिया के अनेक देशों में हिंसा एवं युद्ध मानव जीवन को निगल रहे हैं। हम सब की नैतिक जिम्मेवारी है कि भटके हुए लोगों को हिंसा एवं युद्ध का रास्ता त्याग करने के लिए प्रेरित करे। शांतिपूर्ण ढंग से बातचीत करके विवादों का स्थाई हल निकाला जाए। इसमें संयुक्त राष्ट्र संघ एवं संबंधित पक्षों को पहल करते हुए शांति एवं सद्भावना का मार्ग को चुनना चाहिये,जिसे हजरत मूसा,जीसस क्राइस् हजरत मुहम्मद ,महात्मा गौतम बुद्ध ,महात्मा गांधी एवं संयुक्त राष्ट्र संघ के निर्माताओं ने अपनाया था।संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 22 दिसंबर 2005 को संकल्प 60/209 द्वारा मानव एकता को एकजुटता के मौलिक और सार्वभौमिकअधिकारों के रूप में मान्यता दी गई थी।
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