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आम आदमी की भाषा है उर्दू ,जंगे आजादी में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका : प्रोफेसर गुलाम गौस

हाजीपुर (वैशाली) बिहार

उर्दू बिहार के संयोजक और विधान परिषद के वरिष्ठ सदस्य प्रोफेसर गुलाम गौस ने उर्दू आंदोलन के नेता और बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष गुलाम सरवर की जयंती पर उर्दू दिवस के रूप में मनाने आैर राज्य के प्रत्येक जिला-प्रखंड में कार्यक्रम आयोजित करके उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने की अपील की है।मसौढ़ी स्थित मालिकाना मोहल्ले में उर्दू दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया,जिसकी अध्यक्षता मोहम्मद शाहीद ने की मंच संचालन मोहम्मद शाहनवाज ने की। कार्यक्रम में सैकड़ो की संख्या में मुस्लिम कौम के लोग इकट्ठा हुए। गुलाम गौस ने कहा कि बिहार में उर्दू को द्वितीय राजभाषा का दर्जा दिलाने के और शिक्षा मंत्री, कृषि मंत्री आैर विधानसभा के अध्यक्ष जैसे अति महत्वपूर्ण पदों को भी सुशोभित किया। इस संदर्भ में मसौढ़ी के मालिकाना मोहल्ले में आयोजित मरहूम गुलाम सरवर की याद में उर्दू दिवस कार्यक्रम में आए हुए तमाम मुसलमान से उन्होंने गुजारिश की बच्चों को उर्दू की तालीम दीजिए, इसके अलावा उन्होंने सरकार से मांग की है की अदालत में भी उर्दू भाषा में प्रयोग में लाया जाए इसके अलावा सभी सरकारी विद्यालयों में उर्दू की पढ़ाई की मुकम्मल व्यवस्था की जाए, वही सभी सरकारी कार्यालय में उर्दू अनुवादक को सुचारू रूप से चलाया जाए, वही इस कार्यक्रम में कई वक्ताओं ने उर्दू भाषा को आगे बढ़ाने के बारे में चर्चा की इसके साथ ही सबों ने संकल्प लिया कि उर्दू दिवस पर हम सभी अपनी-अपने घरों से ही बच्चों के बीच उर्दू की तालीम की शुरुआत करेंगे।बहरहाल बिहार विधान परिषद के सदस्य प्रो. गुलाम गौस ने गुलाम सरवर के जीवन को आदर्श बताया। उन्होंने कहा कि आज उसी तरह उर्दू आंदोलन चलाने की जरूरत है। गुलाम सरवर की शैली में एक आंदोलन शुरू करने की फिर से जरूरत है। कार्यक्रम में मस्जिद के मौलाना एजाज अली, , मुहम्मद,मेराज अहमद, मो. आरफाज साहिल, मोहम्मद छोटू इराकी, मो. ज़ाकिर, मो. कलाम, शहजाद आलम ,पूर्व वार्ड पार्षद मो. इसराइल, मास्टर सगीर, मशकूर करीम समेत सैकड़ों लोग शामिल हुए।

Karunakar Ram Tripathi
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