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वन्यजीव और पर्यावरण से जुड़ी फिल्में पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाएं शैक्षणिक संस्थान।

-वाइल्डलाइफ फिल्मोत्सव में सांसद फिल्म अभिनेता रवि किशन शुक्ला ने किया आह्वान।

-योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में तीन दिवसीय वाइल्डलाइफ फिल्मोत्सव का आगाज।

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।

सांसद फिल्म अभिनेता रवि किशन शुक्ला ने कहा कि पर्यावरण और जैव विविधिता के प्रति छात्रों को जागरुक करने के लिए शैक्षणिक संस्थानों को वन्यजीव और पर्यावरण पर आधारित फिल्मों के पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया चाहिए। हेरिटेज फाउंडेशन, गोरखपुर वन प्रभाग और शहीद अशफाक उल्ला खॉ प्राणी उद्यान का वाइल्ड लाइफ फिल्मोत्सव केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं ब्लकि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में लोगों को जोड़ने और जागरूकता फैलाने का मंच है। वर्तमान समय में, जब प्रकृति गंभीर संकटों का सामना कर रही है, ऐसे फिल्मोत्सवों की जरूरत पहले से कहीं अधिक है। इन आयोजनों को बढ़ावा देकर हम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित और स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित कर सकते हैं। उन्होंने प्रदर्शन के लिए फिल्में उपलब्ध कराने के लिए प्रख्यात पर्यावरणविद् संरक्षणकर्ता माइक हरगोविंद पाण्डेय का भी मंच से आभार व्यक्त किया। 

रवि किशन शुक्ला, योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह एवं संस्कृति केंद्र में तीन दिवसीय फिल्मोत्सव के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विद्यार्थियों को लर्न, अर्न और रिटर्न का बच्चों को पाठ भी पढ़ाया। इसके पूर्व दीप प्रज्जवलन कर अतिथियों ने कार्यक्रम की शुरूआत की। हेरिटेज फाउंडेशन की संरक्षिका डॉ अनिता अग्रवाल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि फिल्मोत्सव युवा पीढ़ी को पर्यावरणीय मुद्दों से जोड़ने के लिए प्रभावी माध्यम है। बच्चों और युवाओं को प्रकृति के करीब लाने और उनके भीतर उनके संरक्षण के प्रति रुचि पैदा करना ही उद्देश्य है। गोरखपुर चिड़ियाघर के निदेशक डीएफओ गोरखपुर वन प्रभाग विकास यादव ने कहा कि गोरक्षनगरी में सूबे का अपने तरीके का अनूठा इकलौता कार्यक्रम है। बताया कि फिल्मोत्सव के क्रम में आयोजित क्विज में अब तक 800 से अधिक छात्रों ने प्रतिभाग किया है जिन्हें शुक्रवार को प्रमाण पत्र भी वितरित किया गया। कार्यक्रम में प्रशिक्षु आईएफएस वेंकटा श्री कर, उप निदेशक प्राणी उद्यान योगेश प्रताप सिंह, हेरिटेज ट्रस्टी वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर अनिल कुमार तिवारी, मनीष चौबे, एसडीओ डॉ हरेंद्र सिंह, रेंजर दिनेश कुमार चौरसिया, पशु कल्याण कार्यकर्ता शिवेंद्र यादव, हेरिटेज वारियर्स सत्यांश सिंह, सूरज साहनी, कमलेश समेत अन्य उपस्थित रहे।  

इन विद्यालयों के बच्चों ने किया प्रतिभागी।

फिल्मोत्सव में वुडलैंड एकेडमी रजही, गोरखपुर पब्लिक स्कूल, जनता इंटर कालेज चरगावा, सेंट पाल स्कूल बेतियाहात और चरगावा, सेंट जेवियर्स स्कूल आजाद चौक, माउंट लिट्रा जी पब्लिक स्कूल, जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल, अभ्युदय पब्लिक स्कूल, बेला पब्लिक स्कूल, आत्मदीप पब्लिक स्कूल समेत कई स्कूलों से 750 से अधिक छात्रों एवं शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। 

इन फिल्मों का हुआ प्रदर्शन।

फिल्मों के प्रदर्शन की श्रृंखला में माइक हरगोविंद पाण्डेय द्वारा धरती की पुकार सिरीज की फिल्म वेटलैंड, मानव-वन्यजीव संघर्ष, लद्दाख पर फिल्म प्रदर्शित की गई। नगर निगम की तकिया घाट नाला की प्राकृतिक विधि से शोधन की फिल्म भी प्रदर्शित हुई। शनिवार को 12 बजे से 02 बजे के मध्य काजीरंगा नेशनल पार्क, माइग्रेशन और गिर नेशनल पार्क पर फिल्मों का प्रदर्शन होगा। 

बुढिया माता मंदिर परिसर में सफाई आज 

सतत विकास के लक्ष्यों (एसडीजी) एम्बेसडर सेंटपाल स्कूल के निदेशक अमरीश चंद्रा की फिल्म बुढ़िया माता मंदिर प्रदर्शित की गई। वे स्वयं भी फिल्मोत्सव में मौजूद रहे। बताया कि बुढ़िया माता मंदिर परिसर में जनसहयोग से स्वच्छता अभियान 11 बजे आयोजित होगा। जनभागीदारी के लिए सभी को आमंत्रित भी किया। 

पक्षियों की प्रदर्शनी देख उत्साहित हुए छात्र

हेरिटेज वारियर्स के संयोजक वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर अनुपम अग्रवाल की फिल्मों की प्रदर्शनी देख सांसद रवि किशन शुक्ला, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी ने हर्ष व्यक्त किया। शानदार तस्वीरों के लिए अनुपम को बधाई दी। सैकड़ों की संख्या में आए स्कूली छात्रों ने प्रदर्शित 56 पक्षियों की तस्वीर देखा। बेला पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल शिवम बथवाल, गोरखपुर पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल पूजा मिश्रा, वुडलैंड एकेडमी की प्रिंसिपल निवेदिता दुबे ने भी पूरे आयोजन की सराहना की।

इन्हें मिला पृथ्वी मित्र सम्मान।

वाइल्ड लाइफ फिल्मोत्सव में सांसद फिल्म अभिनेता रवि किशन शुक्ला, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, शहीद अशफाक उल्ला खॉ प्राणी उद्यान के निदेशक विकास यादव, हेरिटेज फाउंडेशन की संरक्षिका डॉ अनिता अग्रवाल ने पीआरडीएफ के चेयरमैन पद्मश्री डॉ रामचेत चौधरी को कालानमक धान की प्रजाति को नवजीवन देने और उनके संरक्षण, संवर्धन और किसानों तक उसका प्रसार करने के लिए पृथ्वी रत्न सम्मान प्रदान दिया। इसके अलावा मदन मोहन मालवीय के आचार्य प्रख्यात पर्यावरणविद् प्रो (डॉ) गोविंद पाण्डेय को पृथ्वी मित्र सम्मान मिला। इसी कड़ी में दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर शोधकर्ता डॉ साहिल महफूज भी सम्मानित हुए। डॉ महफूज ने मगरमच्छ, टाइगर के संरक्षण के लिए जीनोमिक्स समेत कई वनस्पतियों और ट्राइकोडर्मा के इस्तेमाल के फसलों के प्रभाव पर काम किया है।

Jr. Seraj Ahmad Quraishi
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