शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार
जीएसटी रजिस्टर्ड व्यवसाई को उनकेआय केअनुसार पेशा कर देनाअनिवार्य बना दिया गया है। व्यापारी कीआय 10 लाख से कम है,तब भी उनके द्वारा पेशाकर का भुगतान करनाअनिवार्य होगा। बिहार मूल्य वर्धित कर अधिनियम 2005 के अधीन निबंध व्यवसाय या केवल केंद्रीय बिक्रीकरअधिनियम 1956 के अधीन निबंध व्यवसाय या बिहार मॉल और सेवा कर अधिनियम 2017 के अधीन निबंध व्यवसाय के लिए पेशकर का भुगतान करना अनिवार्य बना दिया गया है। राज्य कर संयुक्तआयुक्त दिनेश कुमार ने संवाददाता को बताया किअलग-अलग व्यवसाय करने वाले व्यावसाई को जिनकाआय तीन लाख सेअधिक है,उनका पेशाकर के दायरे में रखा गया है,उन्हें स्लैब के अनुसार पेशकर देना होगा। व्यवसाईयो में उदासीनता के कारण भुगतान की धीमी गति से पेशकर भुगतान को लेकर जिले के रजिस्टर्ड व्यवसाई में उदासीनता की स्थिति बनी हुई है।बेतिया अंचल में राज्य एवं केंद्रीय दोनों पंजीकरण को मिलाकर इस अंचल में 18 हजार से अधिक जीएसटी धारक है। संयुक्तआयुक्त ने संवाददाता को इसकी जानकारी दी।
वर्तमान में रजिस्टर्ड व्यापारियों के द्वारा काफी धीमी गति से पेशाकर का भुगतान किया जा रहा है, उन्होंने रजिस्टर्ड व्यापारियों को पेशाकर का समय पर भुगतान करने की अपील की है।
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