भारत समाचार न्यूज एजेंसी
उन्नाव, उत्तर प्रदेश।
जनपद उन्नाव के कटरी क्षेत्र में गंगा नदी के उफान से कई गाँवो में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। अतरी, पचेसरखेड़ा, उद्दाखेड़ा, बंधवा, शिवहरा, विक्रमखेड़ा, प्यारेपुर सहित कई गाँवो में घरों के अन्दर पानी घुस गया है जिसकी वजह से लोग अपने घर की छतों पर रहने को मजबूर हैं। इस स्थिति में समाजवादी पार्टी से पूर्व सदर विधायक रामकुमार एडवोकेट सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने बाढ़ प्रभावित गाँवो का दौरा कर ग्रामीणों को राहत सामग्री वितरित की। इस दौरान मुख्य रूप से पूर्व प्रधान अतरी कल्लू लोधी, लवकुश लोधी, कौशल्या कश्यप, रूचि कश्यप, उमा, शारदा, सुनील कुमार, रामकुमार, विनीत, सर्वेश, संदीप, पूर्व प्रधान बंधवा रामकुमार, शिवकुमार, छोटा, विजय शंकर पाल, रामू, छत्रपाल, प्रांशु यादव आदि लोग मौजूद रहे।
समस्त बाढ़ प्रभावित जगहो में पशुओं के चारे की प्रशासन के द्वारा कोई व्यवस्था नहीं की गई हैं। महिलाए लगभग दस किलोमीटर दूर जाकर पशुओं के लिए चारा ला रहीं जिससे उनको काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल हम लोगों को बाढ़ से जूझना पड़ता है। वर्तमान सरकार और प्रशासन के द्वारा उक्त क्षेत्रों में अभी तक राहत सामग्री वितरित नहीं की गई हैं। प्रति वर्ष गंगा नदी के जल से आने वाली बाढ़ के कुप्रभाव को रोकने के लिए दीर्घकालिक योजना की आवश्यकता हैं जिसकी माँग क्षेत्रीय निवासियों द्वारा पूर्व सदर विधायक रामकुमार एडवोकेट सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के माध्यम से बराबर की जा रही हैं।
पूर्व सदर विधायक रामकुमार एडवोकेट सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने जब क्षेत्र के सम्बंधित लेखपालो से जानकारी लेनी चाही कि कितनी कृषि भूमि पर फसल बाढ़ से प्रभावित हैं और कितनी कृषि भूमि पर फसल अप्रभावित हैं तों उक्त सम्बन्ध में लेखपालो द्वारा कोई उचित जवाब नहीं दिया गया। पूर्व विधायक रामकुमार एडवोकेट ने बताया कि अभी तक उक्त क्षेत्र में कोई प्रशासनिक मदद नहीं हुई है। प्रशासन से बांधों को मजबूत करने, कटरी के गाँवों का पुनर्वास और निचले इलाकों में जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की माँग की है।
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