महराजगंज, उत्तर प्रदेश
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा द्वारा कार्य में शिथिलता और पैसे न मिलने के कारण गलत रिपोर्ट लगाने के आरोप पर कड़ी कार्यवाही करते हुए राजस्व निरीक्षक योगेन्द्र कुमार को निलंबित कर दिया।
शिकायतकर्ता अशोक कुमार द्वारा शिकायत की गई कि उसके द्वारा धारा-32/38 उ०प्र० के मामले में आरोपी राजस्व निरीक्षक योगेन्द्र कुमार से उनके पक्ष में रिपोर्ट लगाने के लिए रूपये की मॉग की गई और पैसे न मिलने के कारण गलत / भ्रामक रिपोर्ट प्रेषित की गयी।
जिलाधिकारी द्वारा प्रकरण की जॉच डिप्टी कलेक्टर, महराजगंज से करायी गयी। डिप्टी कलेक्टर की जांच में पाया गया कि योगेन्द्र कुमार, राजस्व निरीक्षक तहसील सदर जनपद-महराजगंज द्वारा शिकायकर्ता अशोक कुमार शर्मा से प्रकरण में सकारात्मक रिपोर्ट लगाने के लिए पैसे/उत्कोच की मॉग की गयी। इसके अलावा आरोपी राजस्व निरीक्षक द्वारा उ०प्र० राजस्व संहिता-2006 की धारा-24 के अन्तर्गत कुल 45 प्रकरणों में से केवल 04 की प्रारम्भिक आख्या भेजी गई। इसी प्रकार पत्थर नसब के 06 प्रकरणों में 01 की पत्थर नसब की कार्यवाही की गई। इसके अलावा धारा-32/38 के कुल-09 प्रकरण में से शून्य व धारा-30 के कुल-19 प्रकरणों मे कार्यवाही शून्य रही है।
जिलाधिकारी ने राजस्व निरीक्षक की कार्यप्रणाली को आपत्तिजनक और आरोपों को उ०प्र० सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली-1956 के नियम-3 व 11 का घोर उल्लंघन माना और प्रथम दृष्टया दोषी पाये जाने के आरोप में उ०प्र० सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1999 के नियम-7 के अन्तर्गत तात्कालिक प्रभाव से निलम्बित कर उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संस्थित किया जाने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनसमस्याओं के निस्तारण में शिथिलता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों/कर्मचारियों को कड़ा निर्देश देते हुए संवेदनशीलता के साथ शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित कराए जाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि शिथिलता बरतने वालों के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। जिलाधिकारी ने आगे भी ऐसे लोगों को चिन्हित कर कार्यवाही की जाएगी। जिलाधिकारी की कार्यवाही से राजस्व सहित सभी विभागों में हड़कंप है।
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