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पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविन्द चौधरी ने श्रद्धेय नेता जी की पुण्यतिथि पर किया श्रद्धांजलि अर्पित

धनंजय शर्मा

बलिया। पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविन्द चौधरी ने श्रद्धेय नेता जी मुलायम सिंह यादव की पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश एवं प्रदेश में फिर से संविधान का शासन स्थापित करना और सभी तरह के कमजोरों को न्याय दिलाना ही धरतीपुत्र मुलायम सिंह यादव जी को सच्ची श्रद्धान्जलि होगी।

पूरे देश और प्रदेश में फिर से संविधान का शासन स्थापित करना और सामाजिक, आर्थिक तथा धार्मिक रूप से कमजोर लोगों को न्याय दिलाना का ही काम किये थे। सपा के संस्थापक अध्यक्ष, पूर्व रक्षा मंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, धरती पुत्र माननीय मुलायम सिंह यादव जी जिन्हें हम लोग नेता जी के नाम से जानते हैं।

समाजवादी पार्टी का लक्ष्य दलितों, अतिपिछड़ों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और गरीब सवर्णों के साथ हो रही अनदेखी को रोककर देश प्रदेश में सविधान सम्मत शासन स्थापित करना है, सबको न्याय देना है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय अखिलेश यादव के नेतृत्व में हम सभी समाजवादी अंतिम सांस तक संघर्ष करेंगे। यह संघर्ष ही नेता जी की आत्मा को शांति देगा।

श्रद्धेय मुलायम सिंह यादव जी ने पिछड़े और दलित वर्गों को आगे बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए, खासकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में। उन्हें सामाजिक न्याय के एक मजबूत समर्थक के रूप में जाना जाता है।

श्री चौधरी ने कहा कि श्रद्धेय नेता जी ने आरक्षण और शैक्षणिक सशक्तिकरण मंडल कमीशन की अनुशंसाओं को लागू करना: उन्होंने सरकारी सेवाओं में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 27% आरक्षण लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण: उन्होंने मेडिकल, डेंटल, पॉलिटेक्निक और मैनेजमेंट कॉलेजों में OBC के लिए 27%, अनुसूचित जाति (SC) के लिए 21%, और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 2% आरक्षण सुनिश्चित करने का काम किया।

मुफ्त शिक्षा और दवा: उन्होंने 'मुफ्त पढ़ाई-मुफ्त सिंचाई-मुफ्त दवाई' जैसी योजनाएं भी लागू कीं, जिनका उद्देश्य वंचित और पिछड़े वर्गों को लाभ मिला।

श्रद्धेय नेता जी ने पंचायती राज और नगर निकाय में आरक्षण: उन्होंने पंचायती राज अधिनियम-1994 और नगरीय निकाय अधिनियम-1995 के माध्यम से पंचायतों और नगर निकायों में ओबीसी के लिए 27% और एससी के लिए 21% आरक्षण की व्यवस्था की। इस कदम से पिछड़े और दलित वर्गों को स्थानीय राजनीति में सक्रिय रूप से भाग लेने का मौका मिला।

वंचितों को नेतृत्व: उनका प्रयास सामाजिक रूप से दबे-कुचले लोगों को सीना तानकर चलने और राजनीति में आगे आने के लिए प्रोत्साहित करना था, जिससे बड़ी संख्या में पिछड़े और दलित समुदायों के लोग विधायक, मंत्री और सांसद बन सके।

17 अति पिछड़ा जातियों को दलित दर्जा: उन्होंने 17 अति पिछड़ी जातियों को दलित (अनुसूचित जाति) का दर्जा दिलाने का भी नेता जी ने प्रयास किया

नेता प्रतिपक्ष रामगोविन्द चौधरी ने कहा कि श्रद्धेय नेता जी ने फूलन देवी का पुनर्वास उन्होंने ग्वालियर जेल में लंबे समय से बिना मुकदमे के कैद फूलन देवी के सभी मुकदमों को वापस लिया और उन्हें जेल से बाहर निकालने के साथ-साथ देश की संसद तक पहुँचाने का भी साहसिक कार्य श्रद्धेय नेता जी ने किया।

मछुआरों के लिए पट्टा: निषाद मछुआरों के आर्थिक विकास के लिए 1994 में बालू, मोरम खनन और मत्स्य पालन हेतु तालाबों, झीलों, पोखरों, जलाशयों का 10 वर्षीय पट्टा सिर्फ निषाद मछुआ समुदाय की जातियों को ही देने का शासनादेश जारी किया था।

श्रद्धेय नेता जी, ने अपने पूरे जीवन में सामंतवादी के वर्चस्व को चुनौती देने और पिछड़े, दलितों और अल्पसंख्यकों को सत्ता में हिस्सेदारी देने के विचार पर केंद्रित रही, जिससे उत्तर प्रदेश की राजनीति का स्वरूप बदल गया। ऐसे महान नेता श्रद्धेय नेता जी को शत शत नमन।

उक्त कार्यक्रम में रंजीत चौधरी, युवजन सभा राष्ट्रीय सचिव, प्रियांशु राज यादव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष युवजन सभा, वीरेंद्र सिंह यादव, अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विंध्यवासिनी कुमार, रविंद्र सिंह, बबलू यादव,सुनील राम, नरेश राम, जितेंद्र राजभर, सोनू यादव,अनुराग चौधरी,आकाश आदि उपस्थित रहे। सभा का संचालन सुशील कुमार पाण्डेय कान्हजी ने किया।

Karunakar Ram Tripathi
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