शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार
स्थानीय नगर थाना क्षेत्र में अवस्थित,बेतिया सरकारी मेडिकल कॉलेजअस्पताल इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है।इस अस्पताल के डॉक्टरों ने ऐसा काम किया जो देश में कहीं नहीं हुआ,जो इन डॉक्टरों ने करके दिखा दिया। संवाददाता को घटना के बारे में विश्वासनियी सूत्रों से पता चला है कि डॉक्टरों ने शव को बंधक बनाकरअपने कब्जे में कर लिया,जो पहली बार हुआ,रोगियों उनके परिजनों को मारपीटकरभगा दिया गया,इसकेअलावाआम लोगों के साथ भी मारपीट किया गया।अस्पताल में बावल फैल गया,जिससे एसएसबी,नगर थाना की पुलिस ने बवाल को शांत कराया,स्थिति को नियंत्रण में किया।घटना के संबंध में, संवाददाता को परिजनों ने बताया कि रात्रि के समय बाँनूछापर निवासी,संजय तिवारी को उनकी तबीयत खराब होने पर हॉस्पिटल लेकर पहुंचे,जहां उसे तीन इंजेक्शन दिया गया,फिर मरीज की हालत बिगड़ने लगी,परिजन फिर डॉक्टर को खोजने लगे,मगर पूरे अस्पताल में डॉक्टर गायब हो गए थे।रोगी की तड़पकर मौत हो गई।सुबह में जब डॉक्टर पहुंचे तो मृतक के परिजनों से विवाद हो गया,फिर बाद में पूरे डॉक्टर,कर्मियों ने मृतक के परिजनों को जमकर पिटाई कर दिया।मृतक के परिजन शव छोड़अस्पताल से भागने में हीअपनी भलाई समझी।डॉक्टर की पिटाई से मृतक की पत्नी,तनुश्री,छोटी बहन,कुमारी घायल हो गई, जिसका इलाज स्थानीय अस्पताल में ही चल रहा है।वहीं मृतक के परिजन थाने में शव लेने के लिए गुहार लगा रहे हैं।दूसरी तरफ अस्पताल के कर्मी,नर्स,डॉक्टर शव को कब्जे में लेकर विरोध कर रहे हैं।इन लोगों काआरोप है कि परिजन के तरफ से नर्स के साथ बदसुलूकी किया गया डॉक्टर से हातापाई की गई। इस घटना की क्या हकीकत है,जांच पड़ताल के बाद ही सामनेआएगी कि किसकी गलती है,डॉक्टर,नर्स कर्मी की गलती है या परिजनों की। इस तरह की घटना इस अस्पताल में प्रतिदिन होती रहती है, अस्पताल प्रशासन मुक्तदर्शक बना रहता है।रात्रि के समय डॉक्टर,नर्स,अस्पताल कर्मी हमेशा गायब रहते हैं,या कहीं इधर उधर छुप कर सोते रहते हैं,जिससे मरीज मरते रहते हैं, यह मौत के सौदागर बड़ी ही करूड होते हैं।
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