धनंजय शर्मा
बेल्थरारोड, बलिया, उत्तर प्रदेश
सूर्योपासना एवं लोक आस्था का महापर्व डाला छठ सोमवार को परंपरागत रूप से आस्था और श्रद्धा के साथ,विधिवत पूजन कर धूम धाम से मनाया गया। व्रती महिलाएं,पुरुष निर्जल व्रत रख कर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर पुत्र परिवार हेतु मंगल की कामना की।मंगलवार को उदयकालीन सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ व्रत की पूर्णाहुति हुई।
भगवान सूर्य की उपासना कर व्रती उनकी व उनकी लालिमा में वास करने वाली मां षष्ठी की कृपा प्राप्त की। घर से लेकर घाट तक चहल पहल के साथ छठ गीत से पूरा माहौल भक्तिमय, उल्लास के वातावरव में डूबा हुआ था।शुद्धता,सामूहिकता, व भक्ति के प्रतीक इस लोक पर्व में किसी विद्वान की आवश्यकता नहीं होती है। भक्त स्वतः पूजा करता है। महिलाएं पूजा की सामग्री,बास की टोकरी (सुपली ) में अनेक प्रकार के फल, नारियल,जलता दीपक, सजाकर छठ माता की गीत गाते अपने घरों से घाटों की ओर जाते दिखीं। लोग छठी मैया के भक्ति गीतों पर भाव विभोर होकर झूमते हुए नजर आए। वहीं साथ में सिर दौरा एवं कंधे पर ईंख (गन्ना)लिए लोग घाट के तरफ जाते देखे। इस पर्व को सकुशल सम्पन्न कराने हेतु प्रशासन के तरफ से भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के दृष्टिगत घाटों सहित जगह जगह पुलिस बल भी तैनात किया गया था।
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