चंदवा किसान आंदोलन का चौथा दिन *बिजली एसडीओ और किसानों के बीच हुई वार्ता के बाद जमीन समाधि सत्याग्रह आंदोलन समाप्त।
कार्यपालक अभियंता राजदेव मेहता और अयुब खान के बीच फोन से भी वार्ता हुई।
बिजली विभाग एसडीओ ने एक सप्ताह में पोल, खुटा, तार, ट्रांसफार्मर लगाने के लिए कार्य शुरू करने का दिया आश्वासन।
बिजली ट्रांस्फॉर्मर, पोल, तार की मांग को लेकर किसान आंदोलनरत थे।
किसान प्रत्येक वर्ष पोल खुटा की जगह लगे लकड़ी के खुटा बल्ली बांस बदलते हैं।
भारत समाचार न्यूज एजेंसी
चंदवा, लातेहार, झारखण्ड।
सांसद आदर्श ग्राम अठुला - चटुआग के किसानों का जमीन समाधि सत्याग्रह आंदोलन चौथा दिन भी जारी रहा, किसानों गड्ढे में बैठकर अपनी मांगों को लेकर डटे हुए थे।
चटुआग ग्राम के दर्जनों टोलों में पोल और बिजली तार लगाने तथा अठुला समेत अन्य टोलों में नया ट्रांसफार्मर लगाने की मांग को लेकर किसान आंदोलन की राह पर थे।
दोपहर में बिजली विभाग के एसडीओ बिरसा उरांव, बिजली कर्मचारी मो0 अली, बिजली पहुंचाने के कार्य करने वाले मोईजी कंपनी के ठिकेदार अशोक यादव, पंकज कुमार आंदोलन स्थल अठुला - चटुआग पहुंचे आंदोलन का नेतृत्व कर रहे पंचायत समिति सदस्य अयुब खान तथा मुखिया नरेश भगत, किसान जीदन टोपनो, सनीका मुंडा, रामबृछ गंझु, ललुआ गंझु, बिजेंद्र गंझु से एसडीओ की वार्ता हुई, वार्ता में एसडीओ ने कहा कि एक सप्ताह में बिजली पोल खुटा गिर जाएगा, पोल खुटा व तार लग जाएंगे, जहां ट्रांसफार्मर की जरूरत है वहां लगाया जाएगा की आश्वासन दिया, एसडीओ के आश्वासन पर किसानों ने चौंथा दिन जमीन समाधि सत्याग्रह आंदोलन समाप्त कर दिया, कार्यपालक अभियंता राजदेव मेहता और अयुब खान के बीच फोन से वार्ता हुई, कार्यपालक अभियंता ने भी कार्य शीघ्र शुरू कराने का आश्वासन दिया है।
किसानों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन विद्युत कार्यपालक अभियंता लातेहार के पदनाम सौंपा जिसमें ग्राम चटुआग के टोल अठुला, कारी टोंगरी, उबका पानी, पहना पानी, परहैया टोला, लोहराही, पोक्या, चोरझरीया, पुरंमपनियां, भेलवाही, बगडेगवा,चरकापत्थल समेत अन्य टोलों में सर्वे कर पोल खुटा, तार लगाने, आवश्यकता अनुसार ट्रांसफार्मर देने, भुसाढ़ के भंडारगढ़ा स्थित बांड़ी सीमर टोला में विद्युतीकरण करने की मांग की गई है।
पंसस अयुब खान ने कहा कि आश्वासन में दिए गए समय अवधि पर काम शुरू नहीं हुआ तो पंद्रह दिन बाद पुन आंदोलन छेड़ा जाएगा, पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने कहा कि किसान बांस, लकड़ी के खुटा बल्ली और पेंड़ के सहारे बिजली तार खींचकर घरपर बिजली जला रहे थे।
हर वर्ष पानी से लकड़ी खुटा बांस बल्ली सड़कर जमीन पर गिर जाता था, गिरने से कई दुर्घटना भी हो चुकी है, आदमी बकरी और गाय पर अबतक तार गिर चुका है, भगवान का शुक्र है कि अबतक जान माल का नुकसान नहीं हुआ, किसान प्रत्येक वर्ष पोल खुटा की जगह उपयोग होने वाले लकड़ी खुटा बांस बल्ली को बदल रहे हैं ताकि दुर्घटना से बचा जा सके।
गांव के अधिकांश घरों में तार पोल नहीं है, आजादी के बाद भी टोलों में तार पोल नहीं लगाया गया है, पोल तार के अभाव में लोग काफी परेशान हैं, यह एक बड़ा ही भयावह सच है कि देश की आजादी के बाद भी इस गांव के किसानों की बिजली जैसी मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा नहीं की गई।
मौके पर पंचायत समिति सदस्य अयुब खान, मुखिया नरेश भगत, बिजली कर्मचारी मो0 अली, मोईजी कंपनी के ठिकेदार अशोक यादव, पंकज कुमार, किसान फगुनी भेंगरा, बीनीता कोंगाड़ी, फुलो भेंगरा, सीमा केरकेट्टा, उरमीला भेंगरा,
जीदन टोपनो, रामबृछ गंझु, ललुआ गंझु, मुना मुंडा, अंधरियस टोपनो, भीखू गंझु, टुला गंझु जगेशर गंझु, बुधराम बारला , बिजेंद्र गंझु, गोबिंद गंझु, नेमा परहैया, दिलवा गंझु, पेरटा गंझु, अमीत भेंगरा, अभिराम बारला, छोटेलाल भेंगरा, चमरा होरो, धुमा भेंगरा, भुखल गंझु, बोने टोपनो, जागो गंझु, पलिंजर गंझु समेत कई लोग मौजूद थे।
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