Tranding

पूर्व राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद की जयंती पर कार्यक्रम का हुआ आयोजन।

शहाबुद्दीन अहमद

बेतिया, बिहार।

 भारत के प्रथम राष्ट्रपति, भारत रत्न,डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद की जयंती पर शहर में विभिन्न कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया।इस अवसर पर,सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन,मदर ताहिरा चैरिटेबल ट्रस्ट एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से पौधारोपण का भव्य कार्यक्रम हुआ। आज दिनांक 3 दिसंबर 2025 को चंपारण सत्याग्रह के महानायक एवं स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद की जयंती पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।इस अवसर पर, एजाजअहमदअधिवक्ता, वरिष्ठ पत्रकार सह संस्थापक मदर ताहिरा चैरिटेबल ट्रस्ट, डॉअमानुल हक ने संयुक्त रूप से पौधारोपण करते हुए कहा कि डॉ राजेंद्र प्रसाद,चंपारण सत्याग्रह में एक प्रमुख कड़ी थे,चंपारण सत्याग्रह के क्रम में 1917 में बिहार के बेतिया चंपारण जिले में नील के अभिशाप एवंअंग्रेजों की अत्याचार से किसानों के शोषण का विरोध किया था।

महात्मा गांधी ने डॉ राजेंद्र प्रसाद को ब्रिटिश नील बागान मालिकों से किसानों को मुक्त कराने के आंदोलन में मदद की थी।डॉ राजेंद्र प्रसाद स्वतंत्रता सेनानी के साथ वकील भी थे,उन्होंने1920 में असहयोगआंदोलन में शामिल होने के लिएअपनी वकालत को छोड़ कर शामिल हुए थे।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में एक नेता थे,जो तीन बार इसके अध्यक्ष रहे,वे भारत के पहले राष्ट्रपति भी थे,जिन्होंने 1950 से 1962 तक इस पद पर कार्य किया,उनको 1962 में भारतरत्न से सम्मानित किया गया।डॉ राजेंद्र प्रसाद ने चंपारण सत्याग्रह 1917 स्वतंत्रता सेनानियों किसानों मजदूरो एवं आम जनमानस को अंग्रेजों केअत्याचार एवं नील केअभिशाप से मुक्ति के लिए लामबंद किया था।1930 में बिहार में नमक सत्याग्रह में एक प्रमुख व्यक्ति थे,साथ ही 1946 में खाद्य कृषि मंत्री के रूप मेंअंतरिम सरकार में शामिल हुए। उन्होंने संविधान सभा के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया,उनकी मृत्यु 28फरवरी 1963 को हुई।इस मंच के माध्यम से हम उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

Jr. Seraj Ahmad Quraishi
26

Leave a comment

Most Read

Advertisement

Newsletter

Subscribe to get our latest News
Follow Us
Flickr Photos

© Copyright All rights reserved by India Khabar 2026