–मृत्यपरांत अर्जक पद्धति से हुआ शोकसभा।
रिपोर्ट: विनोद विरोधी
गया, बिहार।
जिले के वजीरगंज प्रखंड के ओरैल निवासी सह अर्जक नेता सुरेश प्रसाद की मृत्यपरांत वरिष्ठ अर्जक नेता उपेन्द्र पथिक की अध्यक्षता में अर्जक पद्धति से शोकसभा संपन्न हुई।
इस अवसर पर उपेंद्र कुमार पथिक ने कहा कि किसी भी जीव के मर जाने के बाद दूसरा जन्म नहीं होता और न ही आत्मा का अस्तित्व है। पुनर्जन्म ब्राह्मणवाद की जड़ है। वक्ताओं ने कहा कि स्वर्ग नरक ,बैतरणी,दान दक्षिणा , कर्मकांड आदि शोषण का आधार है। इसे नकारने में ही समाज की भलाई है।
वक्ताओं में अर्जक संघ गया के जिलाध्यक्ष प्रहलाद राय, शिवनंदन प्रभाकर, एडवोकेट राजेंद्र प्रसाद, पूर्व विधायक प्रो कृष्णनंदन यादव, जदयू के जिलाध्यक्ष द्वारिका दांगी, उमेश कुमार वर्मा, केके बौद्ध, मंगेश्वर यादव, अजय विद्यार्थी, आदित्य प्रधान, कमलेश कुमार वर्मा,अविनाश कुमार तमाम वक्ताओं ने अर्जक पद्धति को मानववादी और समाज सुधारक कार्यक्रम बताया और पुरानी कर्मकांडी प्रथा की आलोचना करते हुए इसे नकारने की अपील की।
स्मरणीय है कि पिछले 29 नवंबर को अर्जक नेता 74 वर्षीय सुरेश प्रसाद की मृत्यु हो जाने के उपरांत महिलाओं ने अरथी को कंधा दिया था तदोपरांत उनके पुत्र रजनी कांत रवि ने हिन्दू पद्धति को नकारते हुए अर्जक पद्धति से शोकसभा किया गया जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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