धनंजय शर्मा
बलिया, उत्तर प्रदेश।
जनपद में बढ़ती कड़ाके की ठंड और पछुआ हवाओं के कारण गिरते तापमान पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए,उपाध्यक्ष/ प्रवक्ता सुशील कुमार पाण्डेय 'कान्हजी' ने जिला प्रशासन से असहाय और जरूरतमंदों को जमीनी स्तर पर राहत पहुंचाने की पुरजोर मांग की है। और कहा है कि सोशल मीडिया और अन्य मीडिया में छपवाने से ठंड में मदद नहीं होगी जबतक जरूरतमंदों तक राहत न पहुंचे।
उन्होंने प्रशासन का ध्यान सड़क किनारे जीवन यापन करने वाले निर्धन लोगों की ओर आकर्षित करते हुए कहा कि वर्तमान में पड़ रही भीषण ठंड जानलेवा साबित हो सकती है। ऐसे में मानवता के नाते और शासन की मंशा के अनुरूप त्वरित कार्रवाई आवश्यक है।
कान्हजी ने मांग किया कि शहर के साथ-साथ तहसील और ब्लॉक स्तर के प्रमुख चौराहों, बस स्टेशनों, रेलवे स्टेशन और अस्पतालों के बाहर तत्काल प्रभाव से पर्याप्त मात्रा में लकड़ी और अलाव की व्यवस्था की जाए।
रैन बसेरों की सक्रियता: जनपद में संचालित सभी रैन बसेरों को सुव्यवस्थित किया जाए। यह सुनिश्चित हो कि वहां केवल बिस्तर ही नहीं, बल्कि भीषण ठंड से बचाव हेतु पर्याप्त कंबल और साफ-सफाई की व्यवस्था हो।
भोजन का प्रबंध: रैन बसेरों में शरण लेने वाले बेघर और अत्यंत गरीब लोगों के लिए प्रशासन या स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से रात्रि में गरमा-गरम भोजन और पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए।
प्रशासन द्वारा चिन्हित किए गए निर्धन परिवारों और फुटपाथ पर सोने वालों के बीच युद्ध स्तर पर कंबल वितरण का कार्य शुरू किया जाए।
सुशील कुमार पाण्डेय 'कान्हजी' ने कहा, "बलिया की धरती हमेशा से सेवा और समर्पण की परिचायक रही है। इस कड़ाके की ठंड में कोई भी गरीब खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर न हो, यह हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। जिला प्रशासन को संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल राहत कार्य जमीन पर उतारने चाहिए।"
उन्होंने स्थानीय नगर निकायों और ग्राम पंचायतों से भी अपील की है कि वे अपने स्तर पर सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलवाना सुनिश्चित करें ताकि राहगीरों और मजदूरों को राहत मिल सके।
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