अनवर कादरी
छत्रपति संभाजीनगर, औरंगाबाद, महाराष्ट्र।
मराठवाड़ा साहित्य परिषद की कार्यकारिणी की बैठक 21 दिसंबर को छत्रपति संभाजीनगर में संपन्न हुई। इस बैठक में वरिष्ठ कवि फ. म. शहाजिंदे को बीड जिले के शांतीवन (ता. शिरूर कासार) में आयोजित होने वाले ४५वें मराठवाड़ा साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष पद पर सर्वसम्मति से चुना गया।
यह सम्मेलन शांतीवन के संस्थापक श्री दीपक नागरगोजे के निमंत्रण पर उनकी सेवाभावी संस्था शांतीवन प्रकल्प, आर्वी (ता. शिरूर कासार) में अप्रैल माह में आयोजित किया जाएगा।
कवि फ. म. शहाजिंदे के साहित्यिक योगदान में ‘निधर्मी’, ‘आदम’, ‘ग्वाही’, ‘झोंबणी’, ‘शेतकरी’ जैसे कविता संग्रह; ‘मी तू’ उपन्यास; ‘सारांश’, ‘इत्यर्थ’, ‘शब्दबिंब’ जैसे समीक्षा ग्रंथ; ‘वाकळ’, ‘प्रत्यय’, ‘अनुभव’ लेख संग्रह तथा ‘मराठवाड़्यातील कविता’, ‘पुरचुंडी’, ‘मूठभर माती : आशय व अन्वयार्थ’, ‘मुस्लिम मराठी साहित्य : प्रेरणा आणि स्वरूप’ जैसे संपादित ग्रंथ शामिल हैं।
इससे पूर्व वे अनेक साहित्य सम्मेलनों के अध्यक्ष रह चुके हैं, जिनमें पाँचवाँ मराठवाड़ा युवक साहित्य सम्मेलन (वाकुळणी, जि. जालना), पहला मुस्लिम मराठी साहित्य सम्मेलन (सोलापुर), ग्यारहवाँ अंकुर साहित्य सम्मेलन (लोणार, जि. बुलढाणा), पहला लातूर जिला मराठी साहित्य सम्मेलन (निलंगा), पाँचवाँ पुरोगामी मराठी साहित्य सम्मेलन (कंधार, जि. नांदेड) तथा तीसरा शेकोटी साहित्य सम्मेलन (धारगळ, गोवा) प्रमुख हैं।
अपने साहित्यिक लेखन के लिए उन्हें केशवसुत काव्य पुरस्कार, अंबाजोगाई साहित्य पुरस्कार, हमीद दलवाई साहित्य पुरस्कार (मुंबई), मारुति मगर साहित्य सेवा पुरस्कार (लातूर), तुका म्हणे साहित्य पुरस्कार (बुलढाणा), शिक्षक रत्न पुरस्कार (मुंबई) तथा सुशीलकुमार शिंदे साहित्य गौरव पुरस्कार (सोलापुर) सहित अनेक सम्मान प्राप्त हुए हैं।
उनके दीर्घ और समृद्ध साहित्यिक योगदान को ध्यान में रखते हुए मराठवाड़ा साहित्य परिषद ने उन्हें ४५वें मराठवाड़ा साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष पद पर सर्वसम्मति से चुना है।
बैठक में परिषद के अध्यक्ष प्राचार्य कौतिकराव ठाले-पाटील, उपाध्यक्ष डॉ. आसाराम लोमटे, कार्यवाह डॉ. दादा गोरे, कोषाध्यक्ष डॉ. रामचंद्र काळुंखे, सहकार्यवाह डॉ. गणेश मोहिते, डॉ. दीपा क्षीरसागर सहित कार्यकारिणी के अनेक सदस्य उपस्थित थे।
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