रिपोर्ट: विनोद विरोधी
गया, बिहार।
वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण, अधिकारों एवं सुरक्षा को केंद्र में रखते हुए चार दिवसीय जागरूकता एवं संवेदनशीलता कार्यक्रम का सफल आयोजन बिहार के चार जिलों में किया गया। यह कार्यक्रम सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय (MSJE) द्वारा कलकत्ता मेट्रोपॉलिटन इंस्टिट्यूट ऑफ जेरॉन्टोलॉजी (CMIG–RRTC) के सहयोग से, संस्थान की निदेशक डॉ. इंद्राणी चक्रवर्ती के नेतृत्व में तथा समग्र सेवा केंद्र, बिहार के सचिव श्री छेदी प्रसाद के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के शारीरिक स्वास्थ्य, कानूनी अधिकारों, डिजिटल सुरक्षा तथा पीढ़ियों के बीच आपसी समझ को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम का प्रथम दिन नवादा जिले के भट्टा में आयोजित किया गया, जहाँ वरिष्ठ नागरिकों के लिए योग एवं फिजियोथेरेपी सत्र का आयोजन हुआ। सत्र की शुरुआत में सुश्री मौमिता बसु ने बॉडी टैपिंग के माध्यम से शरीर की जागरूकता और विश्राम पर ध्यान केंद्रित कराया। इसके बाद श्री मनीष कुमार ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए सरल एवं सुरक्षित योगासन का प्रदर्शन किया। अंत में सुश्री स्वाहा मित्रा बसु ने श्वसन एवं विश्राम अभ्यास कराए, जिससे प्रतिभागी ऊर्जावान और उत्साहित महसूस कर रहे थे।
दूसरे दिन जमुई में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007 पर जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। इसमें अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों, शिकायत निवारण प्रक्रिया तथा एल्डर केयर टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14567 की जानकारी दी गई। CMIG–RRTC के संसाधन व्यक्तियों ने प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान किया।
तीसरे दिन शेखपुरा में डिजिटल साक्षरता एवं साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस अवसर पर साइबर क्राइम डीएसपी सुश्री ज्योति कुमारी ने वरिष्ठ नागरिकों को साइबर धोखाधड़ी से सतर्क रहने के उपाय बताए तथा राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी दी। इस सत्र में श्री राम लखन भारती एवं श्री तरुण कुमार ने भी मोबाइल फोन के सुरक्षित उपयोग पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम के अंतिम दिन अरवल के पिंजरावां हाई स्कूल में अंतर-पीढ़ी संवाद पर केंद्रित गतिविधियाँ आयोजित की गईं। श्री अखिलेश कुमार के मार्गदर्शन में 55 विद्यार्थियों ने चित्रकला एवं निबंध लेखन के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों के साथ संबंधों की महत्ता को समझा।
यह चार दिवसीय कार्यक्रम सरकार, शैक्षणिक संस्थानों एवं सामुदायिक संगठनों के प्रभावी सहयोग का उदाहरण रहा। कार्यक्रम की सफलता में संसाधन व्यक्ति के रूप में सुश्री स्वाहा मित्रा बसु एवं सुश्री मौमिता बसु के योगदान की विशेष सराहना की गई। समग्र रूप से यह पहल बिहार में वरिष्ठ नागरिकों के सम्मानजनक, सुरक्षित एवं जागरूक जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुई।
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