शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार
लोकसभाआम चुनाव 2024 समाप्ति के बाद सरकार गठन होने पर,प्रत्येक सांसदों को उनके संसदीय क्षेत्र के विकास करने हेतु प्रति वर्ष 5 करोड़ रूपया की राशि सरकार देती है,जिसको सांसदअपने क्षेत्र में स्कूल, सड़क,हॉस्पिटल,पुल पुलिया सहित तमाम विकास के कामों की पूर्ति हेतु आवश्यकता अनुसार अन्य सुख सुविधाओं के विकास नागरिक विकासके लिए फंड मिलता है,लेकिन जो रिपोर्ट स्थानीय सांसद,डॉक्टर संजय जायसवाल के बारे में मिली है, वह खेदजनक के साथ संदेहास्पद है।विकास कार्य के मद में उन्होंनेअभी तक ₹1भी खर्च नहीं किया हैऔर ना ही कोई विकास का काम किया है,जबकि उनके संसदीय क्षेत्र में कई विकास के काम पहले से हीअधूरे पड़े हुए है, नए काम नहीं हो रहे हैं।लोकसभा गठन होने के बाद दूसरा वर्ष चल रहा है,इसमें 10 करोड़ रूपया इनको संसदीय विकास फंड में मिला, इसमें से ₹1भी कहीं भी,किसी तरह का कोई विकास काम नहीं किए हैं,ऐसे सांसदों से क्षेत्र का विकास होना संभव प्रतीत नहीं होता है,इनकोअपने क्षेत्र के विकास से कोई लेना-देना नहीं है,इनके संसदीय क्षेत्र में, सड़क, स्कूल, हॉस्पिटल,पेयजल एवंअन्य नागरिक सुविधा कोअपने क्षेत्र के लोगों को दिलाने में कोई दिलचस्पी नहीं क्षेत्र में केवल यह जुमलाबाजी से काम लेते हैं,साथ ही हसीन सपने दिन में ही दिखते हैं।इन्होंनेअपने 20 वर्षीय संसदीय कार्यकाल में कौन सा विकास का काम किया,यह अभी तक इस क्षेत्र की जनता को मालूम नहीं है,केवल इधर-उधर की बातों को कह कर,जुमलाबाजी का सहारा लेकर क्षेत्र के जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं।क्षेत्र में विकास का काम नहीं होने के कारण जनता भी इनसे ऊब गई है,क्षेत्र की जनता इंतजार कर रही है कि कब लोकसभा के चुनावआए तो इनको सबक सिखाया जाए,इसके लिए जनताआतुर है।इसके विपरीत बगल के जिला पूर्वी चंपारण के हर संसदीय क्षेत्र में विकास का काम पूरे मुस्तैदी के साथ चल रहा है, विकास दिख रहा है।विदित हो कि इनके दिवंगत पिता, स्व,मदन जायसवाल भी इस क्षेत्र का 15 वर्षों तक प्रतिनिधित्व किए हैं,मगर विकास शून्य नजर आया।
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