अखिलेश्वर धर द्विवेदी
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में हरे पेड़ों की कटाई को लेकर विद्यार्थियों एवं पर्यावरण प्रेमियों में नाराजगी देखने को मिली। परिसर में विकास कार्यों के नाम पर पेड़ों की कटाई किए जाने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। छात्रों ने इसे पर्यावरण संरक्षण की भावना के विपरीत बताते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाब मांगा है। आदित्य शुक्ला, आराध्य धर द्विवेदी का कहना है कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और सामाजिक चेतना का भी प्रतीक है। ऐसे में बिना पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था के हरे-भरे वृक्षों की कटाई चिंता का विषय है। उन्होंने मांग की कि यदि किसी कारणवश पेड़ हटाए गए हैं तो उसके बदले व्यापक स्तर पर पौधारोपण कराया जाए।
इस विषय पर मीडिया से बातचीत में छात्र नेताओं ने कहा कि बढ़ते तापमान और प्रदूषण के दौर में पेड़ों का संरक्षण समय की आवश्यकता है। विश्वविद्यालय प्रशासन को पर्यावरण के बीच संतुलन बनाकर निर्णय लेना चाहिए। परिसर में लगे 1192 पेड़ काट दिए गए। आराध्य ने कहा एक तरफ मां के नाम पर पेड़ लगाने की बात तो दूसरी तरह अवैध ढंग से हरे पेड़ की कटाई हो रही है। जो हमारी सांसें है। राज्यपाल से भी मिलकर शिकायत की जाएगी। मामले को लेकर परिसर में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
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