शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार।
माननीय उच्च न्यायालय,पटना के द्वारा अपने एक ऐतिहासिक फैसले में बिहार सरकार को पुनःजातिआधारित जनगणना कराने काआदेश दिया है,इस आदेश केआलोक में,बिहार में
पुनःजातिआधारित जनगणना का काम पूर्व के प्रतिनियुक कर्मियों ने ही शुरू कर दिया है,
इसके पूर्व इन्हीं कर्मियों के द्वारा 80%जातिआधारित जनगणना कार्य को पूरा कर लिया है,शेष काम चल रहा है,जो अगस्त माह 2023 के तीसरे सप्ताह तक में ही पूरा होने के संभावना बन रही है।
इस न्याय उचित,स्वागत योग्य कदम को चहुंओर प्रशंशा की जा रही है।इस संबंध में,जिला जदयू महिला प्रकोष्ठ के जिलाअध्यक्ष,सुरैया सहाब ने एक प्रेस वार्ता में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए न्यायालय के फैसले को ऐतिहासिक,सर्वमान्य,उचित ठहराते हुए एकअभूतपूर्व फैसला की संज्ञा दी है,जो एक कीर्तिमान है। इन्होंने आगे बताया कि जाति आधारित जनगणना के विरोध करने वाली राजनीतिक पार्टियों के सभी रिट याचिका को सिरे से न्यायालय ने खारिज कर दिया है,इसआदेश से जाति आधारित जनगणना कराने में आसानी होगी,इसके साथ ही, 21पार्टियों का महागठबंधन, (I.N.D.I.A.) को बड़ी राहत मिली है,ऐसा भीअब कहा जा सकता है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में, महागठबंधन(I.N.D.I.A.)को बहुमत मिलने की संभावना बन रही है,जो इस दिशा में यह शुभ संकेत है।
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