शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार।
सर्वोच्च न्यायालय ने पूर्व जिला पदाधिकारी,दिलीप कुमार के विरुद्ध सीजेएम द्वारा खारिज किए गए अपराधिक मुकदमे को पुनःचलाने का आदेश दिया है।संवाददाता को इस बात की जानकारी,सामाजिक कार्यकर्ता वअधिवक्ता,ब्रज राजश्रीवास्तव ने प्रेस वार्ता आयोजित कर दी,उन्होंने बताया कि उन्होंने वर्ष 2008 में सीजेएम के न्यायालय में तत्कालीन जिलाधिकारी, दिलीप कुमार के विरुद्ध एक परिवाद दाखिल किया था, इस परिवाद में उन्होंने आरोप लगाया था कि करनामेया महावीरी अखाड़ा से संबंधित विवाद में,समाहरणालय में शांति समिति की बैठक बुलाई गई थी,इसमें दोनों समुदाय के लोग आमंत्रित थे। जिलाधिकारी ने एक समझौता पत्र पर परिवादी को हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया,इसका विरोध करने पर जिलाधिकारी भड़क गए,साथ ही गाली गलौज करते हुए मुझे तथा विजय कश्यप को एक कमरे में बैठा लिए,उसके बाद हमलोग से मारपीट किए,मुझे हथकड़ी लगाकर 12:00 बजे रात्रि में जेल भेज दिया। इस परिवाद को सीजेएम ने 18 सितंबर 2008 को खारिज कर दिया,इस आदेश को ब्रजराज श्रीवास्तव ने माननीय उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी, जिसमें उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के फैसले को निरस्त करते हुए जिलाधिकारी दिलीप कुमार पर आपराधिक मुकदमा चलाने काआदेश पारित किया था।जिलाधिकारी दिलीप कुमार उच्च न्यायालय पटना के आदेश के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय चले गए। इसमें 13 वर्षों के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने 26 जुलाई 2023 को जिला अदालत के फैसले को निरस्त करते हुए एवं पटना हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए,जिलाधिकारी, दिलीप कुमार पर आपराधिक मुकदमा चलाने का आदेश दिया है।
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