बाराबंकी, उत्तर प्रदेश।
युवाओं को बड़ा सपना देखना चाहिए ताकि सफलता मिलने पर आपके माध्यम से देश को बड़ी उपलब्धि मिल सके।
उक्त विचार सदस्य विधान परिषद अंगद सिंह ने आँखें फाउंडेशन द्वारा आयोजित व नेहरू युवा केन्द्र द्वारा प्रायोजित युवा संवाद @ 2047 कार्यक्रम वीणा सुधाकर ओझा ग्रुप ऑफ कालेज में व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी के पंचप्रण को आत्मसात कर हर युवा देश को अपना सर्वोत्तम देते हुए 2047 तक भारत को दुनियाँ के विकसित राष्ट्रों के पंक्ति में लाकर सबसे अधिक मजबूत बनाना है।
प्रधानमंत्री द्वारा घोषित पंच प्रण आधारित युवा संवाद @2047 की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार डॉ विनय दास ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत बहुत महान है इसके संरक्षण से ही देश की महानता बरकरार रखी जा सकती है। डॉ दास ने यह भी कहा कि हमको गर्व है कि अयोध्या काशी की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित संवर्धित कर महत्वपूर्ण कार्य को अंजाम दिया गया है।
डॉ सुजीत चतुर्वेदी प्रबंधक टी आर सी लॉ कॉलेज ने राजा परीक्षित की पौराणिक कथा के माध्यम से स्वागती भाव और विनम्र गुण के महत्व को उल्लेखित किया। डॉ चतुर्वेदी ने यह भी कहा कि एक मन होकर कार्य करने से खुशहाली रहती है।
युवा संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नमामि गंगे अंतर्गत जिला गंगा संरक्षण समिति के सदस्य प्रदीप सारंग ने पंच प्रण के पांचवे बिंदु नागरिकों कर्तव्य विषय पर चर्चा करते हुए संविधान उल्लिखित 11 कर्तव्यों पर विस्तार से आख्यान प्रस्तुत किया।
आँखें फाउंडेशन के अध्यक्ष सदानन्द वर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया तथा महाविद्यालय के शैक्षिक समन्वयक दिनेश सिंह ने आभार प्रकट किया।
युवा संवाद कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ बलराम वर्मा, एड रजत बहादुर वर्मा, गुलजार बानो, वीरेंद्र तिवारी, रमेशचन्द्र रावत, कुलदीप वर्मा, अब्दुल खालिक डॉ राम सुरेश वर्मा, अर्चना यादव, सुष्मिता शुक्ला, ज्योति सिंह, की विशेष उपस्थित रही।
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