- सत्याग्रह स्थल से सत्याग्रहियों को जबरन बेदखल कर फुटपाथ पर सत्याग्रह करने को किया विवश
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
पीडब्ल्यूडी गोरखपुर में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरुद्ध तीसरी आंख मानवाधिकार संगठन द्वारा 774 दिनों से प्रचलित सत्याग्रह संकल्प के पूर्वाग्रह से ग्रसित संगठित भ्रष्ट मुख्य अभियंता आरबी सिंह ने कार्यालय कार्यदिवस में कार्यालय के मुख्य द्वार को तालाबंदी कर आपराधिक कृत्य को अंजाम देते हुए सत्याग्रहियों को निर्धारित सत्याग्रह स्थल से जबरन बेदखल कर फुटपाथ पर सत्याग्रह करने को विवश कर दिया।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार मिश्र ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि ऐसा लगता है कि मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश के द्वारा कार्रवाई में विफलता के परिणाम स्वरूप अपने इशारे पर भ्रष्ट मुख्य अभियंता के माध्यम से धरना प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकारों को कुचलने के जघन्य अपराध को अंजाम दिया है।
जबकि यह सर्वविदित है कि कार्यालय कार्यदिवस में कार्यालय के मुख्य द्वार बंद करना आपराधिक कृत्य के साथ-साथ जन सामान्य को कार्यालय में प्रवेश व धरना प्रदर्शन व सत्याग्रह के अधिकारों का अतिक्रमण व उल्लंघन है जिसके विरुद्ध आपराधिक अभियोग पंजीकृत किया जाना चाहिए।
आश्चर्य का विषय है कि उक्त घटना मुख्यमंत्री के मौजूदगी में महानगर गोरखपुर में घटित हुई और घटना वर्तमान समय में विगत तीन दिनों से जारी है और आरोपी मुख्य अभियंता अबतक विधिक कार्यवाही से मुक्त है। जिससे स्पष्ट हो रहा है कि मुख्यमंत्री के गृह नगर में लोक सेवक बेखौफ बेलगाम हैं इसका मुख्य कारण यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि मुख्यमंत्री के प्रशासनिक कार्य शैली की धार कुंद पड़ जाने के कारण लोकसेवक बेख़ौफ़ गैर संवैधानिक कार्यशैली को अपनी दैनिक कार्यशैली के माध्यम से सार्वजनिक करने के आदती हो चुके हैं जो लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है।
और यही कारण है कि लोकतंत्र अपने मूल स्वरूप से विलुप्त होता नजर आ रहा है। परंतु सत्याग्रहियों ने कहा है कि निष्कर्ष परिणाम प्राप्त होने तक सत्याग्रह संकल्प बेख़ौफ़ निरंतर जारी रहेगा और आने वाले दिनों में भ्रष्टाचारियों एवं भ्रष्टाचारियों के संरक्षण दाताओं को भविष्य में गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
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