रिपोर्ट: विनोद विरोधी
गया, बिहार।
देश के वरिष्ठ नागरिको को रेलवे द्वारा पैसेंजर , मेल, एक्स्प्रेस, राजधानी, शताब्दी, दुरंतो ट्रेनों के सभी वर्गों के किराये मे वर्षों से मिलते आ रही रियायत को कोरोना महामारी के चलते 20 मार्च 2020 से मोदी सरकार द्वारा बंद कर दिया है, जिससे गरीब, मध्य वर्गीय परिवार के बुजुर्गों को विगत साढे तीन वर्षों से कही भी आने, जाने मे आर्थिक कठिनाईयो का सामना करना पड़ रहा है।
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि प्रो विजय कुमार मिठु समेत अन्य कॉग्रेसियों ने कहा संसदीय स्थाई समिति ने कोरोना वायरस महामारी से पहले रेलवे द्वारा वरिष्ठ नागरिको को दी जाने वाले रियायत को फिर से शुरू करने की सिफारिश की है जिसे मोदी सरकार से संसद के इस विशेष सत्र मे रियायत की घोषणा कराने की मांग की है। नेताओ ने कहा की भारतीय रेल जिसे देश के गरीब, मध्य वर्गीय परिवार का लाइफ लाइन कहा जाता है, उसे कोरोना महामारी के समय से आपदा को अवसर बनाते हुये, रेलवे मे मिलने वाली सभी रियायत को बंद कर विगत साढे तीन वर्षों मे हजारो करोड़ रुपया कमाने का काम किया। दूसरी और सम्पूर्ण देश के पैसेंजर ट्रेनों के नाम मे स्पेशल जोड़ कर दुगना किराया वसूलने का काम भारतीय रेल द्वारा किया जा रहा है, जिससे आमजन त्राहि- त्राहि कर रहे है। नेताओ ने आज पूर्व मध्य रेलवे के महत्वपूर्ण गया रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री, केन्द्रीय रेल मंत्री से अविलंब स्थाई संसदीय समिति की सिफारिश को मानते हुए वर्षों से बंद रेल किराया मे वरिष्ठ नागरिको को मिलने वाली रियायत को शुरू करने के साथ-साथ पत्रकारो, छात्रों को मिलने वाली रियायत तथा कोरोना काल से ही पैसेजर ट्रेनों मे स्पेशल जोड़ कर वसूले जा रहे दुगुने भाड़ा को पहले जैसा किया जाये।
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