रिपोर्ट: विनोद विरोधी
गया, बिहार।
सुशासन की सरकार सूबे में सड़कों का जाल बिछाने व समग्र विकास का ढिंढोरा भले ही पीट लें, लेकिन हकीकत कुछ और ही बयां कर रही हैं। जिले के बाराचट्टी विधानसभा क्षेत्र में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने आम नागरिकों को इतनी उपेक्षा की है कि जनप्रतिनिधियों के नाम से नफरत व असंतोष को स्वर फूट रहे हैं। बाराचट्टी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत चार-पांच मुख्य सड़के हैं, जो जर्जर अवस्था में है, कागजी घोड़े दौड़े जा रहे हैं।लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं नजर आ रहा हैं। इसी कड़ी में ग्रामीणों ने सड़क की दुर्दशा को देखते हुए लिंक सड़क का निर्माण स्थानीय जन सहयोग से शुरू करने की बात सामने आई हैं। इनमें एक प्रमुख है बाराचट्टी प्रखंड मुख्यालय से बुमुआर होते हुए चौवारी जाने वाली सड़क। इसी मार्ग में इटरा गांव के निकट एक सड़क निकली हैं, जो सिमरवार( मोहनपुर प्रखंड)तक जाती हैं। महज 2 किलोमीटर है और कच्ची सड़क है।लेकिन स्थानीय सांसद और विधायक के निकट फरियाद करते-करते लोगों के पांव थक चुके हैं। इधर ग्रामीणों ने खुद इस जर्जर सड़क के निर्माण का बीड़ा उठाया हैं। पांच सौ से लेकर पांच हजार तक सहयोग कर अब तक 70-80 हजार रुपए इकट्ठा कर चुके हैं तथा मिट्टी मोरम भरने का काम शुरू किया है। इस काम में स्थानीय लोगों की काफी उत्साह देखा जा रहा हैं। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम इटरा के निकट गोपाल मोड़़ से सिमरवार गांव तक 2 किलोमीटर लंबी सड़क का मरम्मती कार्य किया जा रहा हैं ।गौरतलब है कि बाराचट्टी विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने आपसी बैठक कर जर्जर सड़क के मद्देनजर आंदोलन खड़ा करने का भी निर्णय लिया है तथा अनेक स्थलों पर आगामी लोकसभा व विधानसभा चुनाव में वोट बहिष्कार का बैनर भी लगा चुके हैं।
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