हफ़ीज अहमद खान
कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश।
लोधी निषाद बिन कश्यप एकता परिषद उत्तर प्रदेश की राज्य स्तरीय कार्यकारिणी समिति की बैठक एवं राज स्तरीय साधारण सभा सम्मेलन का आयोजन मर्चेंट चेंबर हस सिविल लाइंस में आयोजित पूर्व विधायक वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामकुमार के नेतृत्व में किया गयाl उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक रामकुमार ने कहा कि लोधी निषाद बिन्द कश्यप एकता परिषद की मांग है कि उत्तर प्रदेश में विमुनम एवं घुमन्तु जनजाति जैसे लोध, मल्लाह, कहार आदि पर लगा क्षेत्रीय प्रतिबन्ध को समाप्त किया जाये और समूचे उत्तर प्रदेश में विमुनम जनजाति का प्रमाण पत्र जारी करने का आदेश किया जाये।
उत्तर प्रदेश में लोधी, मल्लाह, कहार आदि को समूचे प्रदेश में पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र दिये जाने का प्रावधान है क्योंकि जिस स्तर पर इन जातियों की अन्य पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र देने की वयस्कता बनी हुई है। आगे कहा कि लोधी निषाद बिन्द कश्यप एकता परिषद उत्तर प्रदेश की मांग है उत्तर प्रदेश में लोधी लोध लोधी राजपूत जाति को है उन्नाव फर्रुखाबाद हरदोई, शाहजहानपुर लखीमपुर, पीलीभीत, हमीरपुर, बरेली, आदि जिलों में किसान जाति कहा जाता है उत्तर प्रदेश सरकार ने शासनादेश जारी कर स्पष्ट किया था कि लोध लोधी राजपूत किसान पर्यायवाची शब्द है । जयप्रकाश निषाद पूर्व सांसद ने कहा कि
उड़ीसा पश्चिमी बंगाल में लोधी जाति को ही खेरिया सबर किसान जाति कहा जाता है और वहां लोधा जाति की उप जाति सबर खरिया किसान जनजाति में सम्मिलित हैं। अत परिषद की मांग है कि जिस प्रकार उडीसा, पश्चिम बंगाल को लोधा जनजाति को उत्तर प्रदेश में अंग्रेज सरकार ने क्रिमिनल ट्राइब घोषित
कर दिया था। परिषद की गांग है कि लोधा जाति को समूचे देश में जनजाति का दर्जा दिया जाए! कार्यक्रम के दौरान पूर्व विधायक रामकुमार, पूर्व सांसद जयप्रकाश निषाद, विधायक छोटेलाल वर्मा , बाबूराम निषाद सांसद राज्यसभा, गंगा चरण राजपूत पूर्व सांसद हुकुम सिंह देशराजन महामंत्री, इत्यादि लोग मौजूद रहे!
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