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प्रोफेसर मुनीर राजा काजमी एक गुजरे हुए दौर की तहजीबो सफाकात की यादगार थे , वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ रिजवान अहमद ऐजाजी।

ब्यूरो चीफ अंजुम शहाब की रिपोर्ट मुज़फ्फरपुर बिहार।

निहाएत अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि प्रोफेसर मुनीर राजा काजमी साहब 20 अक्टूबर की सुबह इस जहां में फानी को हमेशा के लिए खैराबाद कह गए। मुनीर राजा काजमी साहब एक अरसा तक बिहार यूनिवर्सिटी जो अब बाबा साहब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी है मैं पॉलिटिकल साइंस के प्रोफेसर रहे और रिटायरमेंट के बाद मुस्तकिबिल तौर पर दिल्ली में क्याम कर गए।प्रोफेसर साहब मशहूर इतिहासकार मासूम रजा का काजमी साहब मरहूम के भाई थे और साबिक सेशन जज हसन राजा काजमि साहब मरहूम के बेटे थे आपका अबाई वतन अलीपुर पाली था मगर आपने मुजफ्फरपुर में रह। एकतेयार की प्रोफेसर मुनीर राजा काजमी एक गुजरे हुए दौर की तहजीबो सफाकत की यादगार थे उनका जाना बिहार के लिए एक सदमाए अजीम से काम नहीं है। उनके चले जाने से वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ रिजवान अहमद अजाजी प्रोफेसर कलीमुद्दीन आरसी अहमद मुन्ना यादव पप्पू ठाकुर कृपा शंकर पांडे प्रोफेसर सवालिया बिहारी वर्मा अंजुम साहब इम्तियाज अहमद आदि ने कहा कि उनके चले जाने से एक शिक्षा जगत का अंत हो गया जिसकी कमी कभी पूरी नहीं की जा सकती है।

Karunakar Ram Tripathi
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