शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया,पश्चिमी चंपारण, बिहार।
इन दोनों प्रेम और प्रेमिका की कहानी सुनने,देखने का प्रतिदिन मिल रही है,साथ ही प्रेमी,प्रेमिका एक दूसरे से जीवन भर का साथ निभाने का कसम खाकर,घरों से भाग कर,मंदिरों,गिरजाघर में शादी रचा ले रही हैं,जो नित्यदिन समाचार पत्रों के आकर्षक का केंद्र बिंदु बन रहे हैं।इसी क्रम में,स्थानीय व्यवहार न्यायालय में एक न्यायाधीश के कोर्ट में बहस करने पहुंचे वकील पर जज साहिबा एक वकील पर इस कदर फिदा हो गईं कि दोनों के परिजन शादी करने तक तैयार हो गए,साथ ही सगाई भी हो गई।यह अनोखा प्रेम का बंधन बेतिया व्यवहार न्यायालय में ही कई महीनों से पदस्थापित,प्रथम न्यायिक दंडाधिकारी,सुजाता कुमारी के प्रेम की कहानी है,जो विगत दिनों बसवरिया के रहने वाले, व्यवहार न्यायालय बेतिया के अधिवक्ता,राकेश कुमार की है, जो किसी-किसी मामले को लेकरअपने मोवक्किल का केस लड़ने के लिए न्यायाधीश के कोर्ट में इस कदर विभिन्न अंदाज में बहस किया करते थे,कि उनके बहस करने के अंदाज ने जज साहिबा का मन मोह लिया,साथ ही प्रेम का मिठास इस कदर घुल गया कि वह उनसे प्रेम कर बैठी,इनका प्रेम दो दिलों के बंधन में जोड़ दिया,साथ ही पिछले दिनों जज साहिबाऔर वकील साहब की सगाई बड़ी ही धूमधाम से संपन्न हुई,इस शादी की चर्चा पूरे व्यवहार न्यायालय मेंआग की तरह फैल गई,इतना ही नहीं,लोगों की जुबान यह कहने पर मजबूर कर रहा है कि प्रेम अंधा होता है,प्रेमी और प्रेमिका का प्यार सर चढ़कर बोलता है।खैर अब जो भी हो, जज साहिबा का स्थानांतरण तो इस जिला से किसी दूसरे जिला में हो गया,मगर प्रेमी वकील साहब अपनी शादीशुदा पत्नी की तलाश में भटकने को तो मजबूर नहीं है,मगर जाना भी जरूरी बन जाता है,मगर वकील साहब की मजबूरी इसी स्थानीय व्यवहार न्यायालय में अपना प्रैक्टिस जारी रखते हुए रोटी रोजी चला रहे हैं।
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