शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार।
बेतिया राज की1500एकड़ सेअधिक भूमि की तलाश विभाग द्वारा जिन जिन जिलों में है,उन जिलों के अपर समाहर्ताओं को इसके लिए नोडल पदाधिकारी बनाया गया है।बेतिया राज के अभिलेख का डीजीटीलाईजेशान कराया जाएगा।खाली जमीन और मंदिरों की जमीनों को जनहित में विकसीत किया जाएगा।यूपी के वाराणसी,प्रयागराज, गोरखपुर जिलों में भी बेतिया राज की जमीन है,जो अतिक्रमित है।राज परिवार की जमीन को अतिक्रमणमुक्त करवाने के लिए बिहार सरकार इसके लिए यूपी सरकार से भी सहयोग लगी। बिहार और उत्तर प्रदेश में बेतिया राज की 14हजार एकड़ भूमि है,इसमें से लगभग 8 हजार एकड़ जमीन का सर्वे पूरा हो चुका है, जबकि 4.5 हजार एकड़ जमीन का रिकार्ड दुरुस्त कराया जा रहा है,इसके अतिरिक्त करीब1500 एकड़ जमीन की खोज जारी है।इस में बिहार और उत्तर प्रदेश में बेतिया राज की जमीन का सर्वे करवाने के लिए दोनों राज्यों में एक साथअभियान चलाया जाएगा। बेतिया राज की बिहार में,पश्चिम चंपारण,पूर्वी चंपारण,छपरा,गोपालगंज और सिवान के अलावा पटना में भी जमीन है।इसी तरह यूपी की वाराणसी,इलाहाबाद,गोरखपुर मिर्जापुर और कुशीनगर में भी उनकी जमीन है,यहां जमीन के अलावा उनकी अच्छी खासी संपत्ति भी है। राजस्व परिषद के सूत्रों के अनुसार,पूर्वी चंपारण,पश्चिमी चंपारण, सारण और पटना में बेतिया राज की बहुत सारी अचल संपत्ति भी है।
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