सहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार।
स्थानीय सरकारी मेडिकल कॉलेजअस्पताल में इन दिनों ओपीडी में लगभग 1600 रोगी प्रतिदिन इलाज के लिए दौड़ लगा रहे हैं। इस बदलते मौसम में सबसे ज्यादा शिकार 10 साल तक के उम्र के बच्चे हो रहे हैं,जो निमोनिया,सर्दी, खांसी,बुखार,वायरल फीवर से ग्रसित है,इसकेअलावा सभी बड़े-बूढ़े भी इन बीमारियों से ग्रसित होकर इलाज के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंच रहे हैं।ओपीडी में सबसे ज्यादाअधिक रोगी सर्दी,खांसी,बुखार,निमोनिया के कतारबद्ध हो रहे हैं,इससे अस्पताल प्रशासन पर बोझ बढ़ गया है,जिसके चलते अस्पताल प्रशासन काफी व्यस्त है।डॉक्टर का कहना है कि इस बदलते मौसम में, बीमारियों के अधिक बढ़ जाने के कारणअस्पताल के सभी वार्डों में रोगियों और उनके परिजनों की संख्या को देखते हुए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है,फिर भी चिकित्सकों तथा चिकित्सा कर्मी,नर्सिंग स्टाफ भीअधिक संख्या में रोगियों के इलाज करने में लगे हुए हैं।अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इन दिनों बच्चों में उल्टी,दस्त, वायरल फीवर,निमोनिया की बीमारी अधिक फैली हुई है, जिस पर नियंत्रण करना अस्पताल प्रशासन के जिम्मेदारी बनती है। जीएमसीएच के सभी सी ब्लॉक वार्ड में सभी बेड फुल हो गए हैं।मौसमी बीमारियों के प्रकोप शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से फैल रहा है, लगभग हर घर में एक सदस्य सर्दी,खांसी,बुखार,वायरल फीवर से तप रहा है। इन मरीजों को ठीक होने में करीब 15 से 20 दिन लग रहे हैं,बीच में दवा छोड़ने पर बीमारी और भी गंभीर बन जा रही है। जीएमसीएच केओपीडी में अगले दिनों के मुकाबले दुगना मरीज बढ़ गए हैं।प्राइवेट अस्पतालों में भी मरीज की काफी भीड़ भी देखने को मिल रही है। जीएमसीएच में प्रतिदिन 600 से 800 मरीज पहुंचते थे,लेकिन इस बदलते मौसम के कारण जिले के अलावा पड़ोसी देश नेपाल, पड़ोसी जिला पूर्वी चंपारण, गोपालगंज,सिवान से भी मरीज यहां पहुंच करअपना इलाज कर रहे हैं,गंभीर बीमारियों से ग्रसित रोगियों को सी ब्लॉक के वार्ड के सभी बेड फुल होने के बाद भी इलाज किया जा रहा है।
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