हफ़ीज अहमद खान
कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश।
ओंकारेश्वर सरस्वती विद्या निकेतन इण्टर कॉलेज जवाहर नगर कानपुर में युवा क्रान्तिकारी खुदीराम बोस की जयंती का आयोजन किया गया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य राममिलन सिंह ने देश की देश की स्वाधीनता में अपना सर्वस्व न्यौछावर कर देने वाले महान क्रांतिकारी स्वाधीनता के दीवाने खुदीराम बोस के व्यक्तित्व व कृतित्व से परिचय कराते हुए कहा कि व्यक्ति स्वयं के लिये सम्पूर्ण जीवन व्यस्त रहता है, लेकिन जो लोग समाज के लिये जीते हैं उन्हीं का जीवन सफल होता है। ऐसे लोग ही आगे चलकर प्रेरणा का स्रोत बन जाते हैं। स्वाधीनता संसार का सबसे बड़ा सुख है। दुर्भाग्यवश हमारा देश लम्बे समय तक परतंत्र रहा, जिसके कारण ही हम अभावग्रस्त व कमजोर हो गये। विदेशी आतताइयों ने देश को मात्र लूटा ही नहीं बल्कि ज्ञान-विज्ञान की श्रेष्ठ परम्पराओं को भी तोड़ दिया। स्वाधीनता संग्राम की बहुत लंबी श्रृंखला है ओंकारेश्वर ग्रुप ऑफ इन्स्टीट्यूशन्स की प्रबन्ध निदेशक डॉ० पूजा अवस्थी ने अमर बलिदानी खुदीराम बोस की गौरव गाथा से छात्र-छात्राओं का परिचय कराते हुये मार्गदर्शन किया। कार्यकम का प्रारम्भ माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं खुदीराम बोस के चित्र के समक्ष पुष्पार्चन से हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने बलिदानी खुदीराम बोस के व्यक्तित्व से परिचय कराते हुए प्रेरक प्रसंग प्रस्तुत किये। चि० तेजस्व शुक्ला में ओजस्वी काव्यपाठ किया एवं चि० शुभम मिश्रा ने भाषण प्रस्तुत किया। कार्यकम का संचालन कु० शताक्षी पाण्डेय ने किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से संगीता मिश्रा, शिखा
शुक्ला, अभिषेक त्रिपाठी, माण्डवी शुक्ला, रूपाली बैनर्जी आदि उपस्थित रहे।
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