ब्यूरो चीफ अंजुम शहाब की रिपोर्ट मुज़फ्फरपुर बिहार।
, जिसका उदघाटन जिला पदाधिकारी प्रणव कुमान ने दीप प्रज्जवलित कर किया। मेला में अनुदान के माध्यम से लगभग 1100 निबंधित किसान भाईयों को उपादान सब्सिडी के साथ वितरित किया गया। मेला में 109 प्रकार के कृषि यंत्र लगाये गये थें, जिसपर 50 प्रतिशत सब्सिडी के साथ किसान भाई को यह उपलब्ध होगा। पराली जलाने से मुक्ति के लिए प्रमुख यंत्र हैप्पी सीडर, रोटावेटर, कल्टीवेटर, रिपर कम्बाइण्डर आदि यंत्र मेले में प्रमुख रूप से थें। जिला पदाधिकारी ने कहा कि कृषि हमारे देश और समाज की प्रमुख आर्थिक आधार है। बढ़ते जनसंख्या के साथ संतुलन बनाये रखने के लिए कृषि तकनिक में अत्याधुनिक बैज्ञानिक पद्धति की नितांत आवश्यकता है। बैज्ञानिक तकनिक से सभी किसान भाई खेती कर आर्थिक रूप से अधिक समृद्ध और मजबूत बने। बताते चले कि कृषि यांत्रीकरण योजना के तहत बिहार सरकार में वर्ष 2023-24 में 119 करोड़ की लागत से किसानों को कृषि यंत्र अनुदान पर देने की योजना बनाई है। इससे जुताई, बुआई और कटाई जैसे काम कम समय में और कम लागत में आसानी से हो जाते हैं। कृषि यंत्रीकरण सब्सिडी के लिए आवेदन को आॅनलाईन आवेदन देना होगा। बिहार कृषि यंत्र अनुदान के लिए किसान को पंजीकृत होना अनिवार्य है। साथ ही फोटोग्राफ एवं खरीदे गये यंत्र का कम्प्यूटराईजड बिल मोबाईल नम्बर के साथ आॅनलाईन करना पड़ता है। मौके पर कृषि पदाधिकारी राजन बालन, किसान चाची एवं प्रसार प्रशिक्षण केन्द्र के अधिकारीगण आदि उपस्थित थें।*
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