शहाबुद्दीनअहमद
बेतिया, बिहार।
आगामी लोक सभा चुनाव में मोदी सरकार हटाओ,देश व संविधान बचाओ के लिएआज "नागरिक समाज और संगठनों का फर्ज" विषयक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला कार्यालय "बलिराम भवन" में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया,जिसकी अध्यक्षता,प्रो समशुल हक, संचालन,रामेश्वर प्रसाद ने किया।इस विषय पर प्रदेश सामाजिक कार्यकर्ता सह जेपी सेनानी,पंकज ने संबोधित किया।कार्यशाला को प्रदेश संयोजक शाहिद कमाल,भारत जोड़ोअभियान,सुशील,लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माणअभियान के प्रभुराज नारायण राव,माकपा के बिहार राज्य सचिव मंडल ओमप्रकाश क्रांति,भाकपा जिला सचिव,विधायक कामरेड बीरेंद्र गुप्ता,जदयू महिला सेल के जिलाअध्यक्ष - सह-अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संघ भारत के प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष,सुरैया शहाब,कारू भाई,राष्ट्र सेवा दल व नेता बोधगया, भूमिआंदोलन के आदेश, सामाजिक कार्यकर्ता, कामायनी नगरअध्यक्ष,अमजद खां,गोरख मस्ताना,देवी दयाल यादव,अजय कुमार , आलमगीर हुसैन,राष्ट्र सेवा दल का जिला सचिव आदि ने संबोधित करते हुए कहा कि आज देश में भारत के संविधान पर शासक वर्ग के द्वारा ही खतरा पैदा कर दिया गया है।संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही है,लोकतंत्र खतरे में है,संसदीय मर्यादाओं को ताक पर रखकर मनमाने तरीके से मोदी सरकार काम कर रही है।146 सांसदों को लोकसभा से निष्कासित कर तानाशाही रवैया का मिशाल कायम किया है।देश में लगातार गलत तथ्यों को परोसने का काम किया जा रहा है,ऐसी स्थिति में देश में संविधान की रक्षा,लोकतंत्र बचाओ,धर्मनिरपेक्षता को संरक्षित रखने के लिए सड़कों पर उतरने की जरूरत है।कार्यशाला में सभी वक्ताओं ने एक स्वर होकर कहा कि आज मोदी सरकार को गद्दी से हटाए बिना देश और देश का संविधान का अस्तित्व का सुरक्षित नहीं रह सकता,विपक्ष की "इंडिया "गठबंधन को मजबूती के साथ समर्थन करते हुए मोदी को गद्दी से हटाना ही एकमात्र उद्देश्य है,तभी जाकर देश का संविधान व लोकतंत्र सुरक्षित रह सकेगा।
महिला नेत्री सुरैया साहब ने कहा कि आज की इस युग में जो लोकसभा 2024 का विधानसभा 2025 का चुनाव होने वाला है उसमें सभी प्रकार के गड़बड़ियों से बचने के लिए चुनाव नहीं कराया जाए, बल्कि बैलेट पेपर,ठप्पा से ही चुनाव कराने से ही इस देश का कल्याण हो सकता है,अन्यथा केंद्र की भाजपा शासित मोदी सरकार लोकसभा 2024 के चुनाव में पुनःमुझको भवह: हो जाएगी,और विपक्षी दल, इंडिया गठबंधन मुंह देखते ही रह जाएगी,साथ हीआने वाली 5 सालआम लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
महंगाई की मार,खाद्य पदार्थ सामग्रियों,गैस,पेट्रोल,डीजल के दामों में बढ़ोतरी,नागरिक जीवन में उथल-पथल,किसानों सरकारी कर्मियों,आम जनता को कई तरह के टैक्स के बोझ से कुंठित कर दिया जाएगा, साथ हीआम जनता चिल्ला कर रह जाएगी,खून खराबा का माहौल बन जाएगा, धार्मिक उन्माद पैदा हो जाएगा
आपसी सौहार्द बिगड़ जाएगा, लोग एक दूसरे के प्रति घृणा की नजर से देखेंगे।
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