सेराज अहमद कुरैशी
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
भारत सरकार के नए कानून की धारा 106 (2) के जिसमे की हिट एंड रन को लेकर के जो स्थिति बनी हुई है इस संदर्भ में ट्रांसपोर्ट संगठनों के केंद्रीय नेतृत्व से प्राप्त निर्देशों एवं सूचनाओं के आधार पर यू पी ट्रक संचालक एसोसिएशन के साथ-साथ अन्य ट्रांसपोर्ट संगठन, बस यूनियन, टैक्सी ट्रैवल यूनियन टैंकर यूनियन, आदि ने केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर 9 जनवरी 2024 से बुलाए गए अनिश्चितकालीन हड़ताल और चक्का जाम को यू पी ट्रक संचालक एसोसिएशन के साथ-साथ अन्य संगठनों ने भी समर्थन करने का ऐलान किया है तथा 9 जनवरी 2024 के प्रस्तावित चक्का जाम में सहयोग एवं समर्थन का निर्णय लिया गया है
जैसा कि हम सभी जानते है की कि भारत सरकार ने इस कानून को लेकर के अपनी स्थिति स्पष्ट कर दिया है की इसमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा भारत सरकार ने न्याय संहीता में हिट एंड रन की जो व्याख्या की है वह कानून की धारा 106 उप धारा 2 में जो वर्णित है उसके अनुरूप यदि यह कानून लागू होता है तो आम जनमानस से लेकर के सभी प्रकार के ड्राइवर चाहे वह दो पहिया वाहन चालक हो चार पहिया या फिर टैक्सी टेंपो ट्रक बस ट्रेलर टैंकर इत्यादि सभी के लिए सड़क पर किसी भी तरह के घटना होती है तो इसे दुर्घटना का नाम दिया गया है ना की हत्या का और यह जो कानून है उसमें इस सड़क दुर्घटना को एक हत्या मानकर के कार्रवाई का प्रावधान किया गया है जो की सभी प्रकार के चालको के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है साथ ही साथ इस कानून का गैरजमानती होना इसके दुरुपयोग तथा पुलिसिया उत्पीड़न भी इस कानून के विरोध का एक बड़ा कारण है तथा इसे तत्काल समाप्त करना ही आम जनमानस से लेकर के सभी प्रकार के चालकों के लिए हितकारी होगा क्योंकि यदि किसी दुर्घटना में किसी परिवार का मुखिया या मुख्य सदस्य किसी तरह के दुर्घटना का कारण बनेगा तो पहले तो पुलिस गिरफ्तार करके जेल भेजेगी और यदि विवेचना में पुलिस जरा सा भी पक्षपात करेगी (जैसा की आम तौर पर पुलिस के क्रिया कलाप होते है )तो वह परिवार का मुखिया एक दुर्घटना के लिए जेल की सलाखों के पीछे 10 वर्ष की सजा कटेगा तथा ₹ 700000 का अर्थ दंड भी भरेगा तथा ऐसे ही सड़क पर चलने वाली विभिन्न प्रकार के वाहनों को लेकर के किसी कारण चाहे अगर रोड की खराबी कोहरा , रात का अंधेरा में किस जानवर या किसी अन्य गाड़ी की किसी टेक्निकल फॉल्ट या किसी जीव जंतु जानवर के आ जाने से किसी तरह का एक्सीडेंट यदि होता है तो इस घटना में जो शामिल होंगे पहले तो वह मौके पर भीड़ का शिकार होंगे तथा बाद में पुलिसिया उत्पीड़न तथा इस नए हित एंड रन कानून की उपधारा ( 2 ) का
अतः सर्व सम्मति से इस प्रस्तावित चक्का जाम को समर्थन का निर्णय किया गया है !
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