महर्षि बाल्मीकी उपवन मोतीझील में नगर के सबसे वरिष्ठ 51 वर्षो से निःशुल्क मोतीझील में प्रशिक्षण दे रहे।
हफ़ीज अहमद खान
कानपुर नगर उत्तर प्रदेश।
दसवें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस में देव अन्तर्राष्ट्रीय योग केन्द्र कानपुर के तत्वाधान में आयोजित महर्षि बाल्मीकी उपवन मोतीझील में नगर के सबसे वरिष्ठ 51 वर्षो से निःशुल्क मोतीझील में प्रशिक्षण दे रहे, योगऋषि डा0 ओमप्रकाश ’आनन्द ’ने बताया कि योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान के अभ्यास से पूर्व योगाभ्यासी को दानों स्वर एक साथ व बराबर चला लेने से योग का लाभ सैकडो गुना बढ़ जाता है। उन्होने दोनों स्वर चलाने के लिए उपस्थित योग साधकों को भ्रमण योग, तेजी से श्वांस-प्रश्वांस के साथ करवाया। तत्पश्चात् उपस्थित सभी लोगो ने स्वीकार किया कि हमारे दोनों स्वर बराबर एक साथ चलने लगें।योगऋषि ओमप्रकाश आनन्द ने तत्पश्चात् भस्त्रिक प्राणायाम, अनुलोम विलोम प्राणायाम, उज्जायी प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम एवं सहज विधि से कपाल भाति प्राणायाम का सही प्रदर्शन भी दिखाया और सबकों कराया। परिणाम सभी उपस्थित सैकडों योगाभ्यासियों का सही ढंग से प्राणायाम करने के कारण चेहरे खिल उठे। तत्पश्चात् पेट के अनेकों आसनों का विकल्प अ-हानिकारक नैलि-क्रिया को दिखाया और लोगों को अभ्यास भी कराया। नौलि क्रिया के बाद महाबंध का अभ्यास कराया गया। जिसके 5 मिनट के अभ्यास से आहार का अंतिम सातवां विपाक वीर्य या रज, ऊर्जा या एनर्जी में बदल जाती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता योग ऋषि डा0 ओमप्रकाश ’आनन्द जी’ अवध बिहारी मिश्र, मुन्ना हजारिया, डा0 वी0एन0 त्रिपाठी, मनोज सेगर, हेमन्त द्विवेदी पार्षद, राकेश गुप्ता, पूनम जी, कर्मचारी नेता मुन्ना हजारिया व उनकी पत्नी विजय लक्ष्मी हजारिया को योग दिवस पर योग पत्रिका उपचार देकर योग ऋषि डा0 ओमप्रकाश ’आनन्द सम्मानित किया। योगाचार्य संतोष कुमार पाण्डेय, योगाचार्य शत्रुध्न जिज्ञासु, योगाचार्य संजय अवस्थी, योगप्रेमी अरविन्द , अंकुश कपूर, समाजसेविका रचना शर्मा, योग शिक्षिका कुसुम निगम आदि उपस्थित होकर अपने-अपने योग के लाभ प्राप्त अनुभव सुनाये। अंत में सभी साधकों को योग उपचार में सहायक, दर्द निवारक ’चुम्बक चिकित्सा (मैगनेट थिरेपी) की पुस्तक निःशुल्क वितरित की गयी।
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