Tranding

एक जुलाई से हत्या लूट डकैती बलात्कार की धाराएं 302, 392 ,395 ,376 आई पी सी हो जाएगी इतिहास - पं रवीन्द्र शर्मा

हफ़ीज अहमद खान

कानपुर नगर उत्तर प्रदेश।

अधिवक्ता कल्याण संघर्ष समिति की बैठक एक जुलाई से लागू होने वाले नए अपराधिक कानूनों पर बोलते हुए पंडित रवीन्द्र शर्मा पूर्व अध्यक्ष लायर्स एसोसिएशन ने बताया कि ब्रिटिश जमाने की भारतीय दंड संहिता I P C जिसमें 511 धाराएं थी के स्थान पर भारतीय न्याय संहिता में 358 धाराएं हैं जिनमे 175 धारायें बदली गई है बदली गई धाराओ में प्रमुख रूप से हत्या की धारा 302 के स्थान पर 103(1) लूट 392 के स्थान पर 309(4 )डकैती 395 के स्थान पर 310 (2) बलात्कार 376 के स्थान पर 65(1) गैंगरेप (सामूहिक बलात्कार )376 (D) के स्थान पर 70(1) दहेज हत्या 304 बी के स्थान पर 80(2) ठगी/ धोखाधड़ी 420 के स्थान पर 318( 4 )चोरी 379 के स्थान पर 303( 2) इसी प्रकार मारपीट 323 के स्थान पर 115, धारदार हथिया 324के स्थान पर 118(1) 325 के स्थान पर 117 गाली 504 के स्थान पर 352, जान से मरने की धमकी 506 के स्थान पर 351(2) और अपहरण की धारा 363 के स्थान पर 137 ( 2 )प्रमुख है।राजद्रोह के स्थान पर अब देशद्रोह में लोगो को जेल भेजा जाएगा।भारतीय न्याय संहिता में 22 धाराएं समाप्त कर दी गई । समाप्त धाराओं में आत्महत्या का प्रयत्न 309 और अप्राकृतिक संबंध 377 जरकर्म 497 और राजद्रोह 124 (क) आदि प्रमुख हैंभारतीय न्याय संहिता में आईपीसी के अधिकांश अपराधों को यथावत रखा गया है इसमें सामुदायिक सेवा को भी सजा के रूप में शामिल किया गया है जो मानहानि धमकी हंगामा आदि छोटे अपराधों में दी जा सकेगी जिसमें साफ सफाई का काम भी शामिल होगा।इसी प्रकार सी आर पी सी 533 धाराओं में 160 बदल गई । 9 समाप्त की गई और 9 ही जोड़ी गई का स्थान पर बी एन एस एस और एविडेंस एक्ट के स्थान पर भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू होगा ।नए कानून के अंतर्गत ट्रायल कोर्ट को प्रत्येक फैसला 3 साल में देना होगा। 

 हमारे विचार से नए कानून बेहद सख्त है जिससे भारत के लोगो की व्यक्तिगत आजादी पर अंकुश लग जायेगा और हमारी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तक खतरे में पड़ जाएगी। साथ ही अचानक धाराओं में बदलाव करना सही नहीं है इसको लागू करने से पूर्व कम से कम 5 वर्ष तक विधि विद्यालयों में इनकी पढ़ाई कराई जाए और इसी मध्य देश के लोगों को नए कानून की पूरी जानकारी गांव गांव घर-घर तक दी जाए तब इसको लागू किया जाए।

Jr. Seraj Ahmad Quraishi
181

Leave a comment

Most Read

Advertisement

Newsletter

Subscribe to get our latest News
About IndiaKhabar

IndiaKhabar is an independent online news portal committed to accurate, timely and responsible journalism.

Follow Us

© 2026 IndiaKhabar. All rights reserved.