हफ़ीज अहमद खान
कानपुर नगर,उत्तर प्रदेश।
गौशाला सोसाइटी के गौभक्तो ने मण्डलायुक्त अमित गुप्ता से मिलाकर एवं एक ज्ञापन सोपा। ज्ञापन के द्वारा बताया कि गौशाला सोसाइटी 136 वर्ष प्राचीनतम धार्मिक एवं दातव्य संस्था है जहां पर असहाय अनाश्रित एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं व पुलिस प्रशासन द्वारा सुपुर्दगी में दिए गए गौवंश की सेवा सुश्रूषा तथा पंचगव्य मानव उपयोगी औषधी का कार्य निरन्तर चला आ रहा है।
कानपुर गौशाला सोसाइटी की जमीन उत्तर प्रदेश अधिकतम जोत सीमा आरोपण अधिनियम के तहत एक्वायर की गयी थी जिसकी अपील आपके न्यायालय में की गयी थी जिसको अपर आयुक्त के आदेश 29.06.2015 के आदेश के तहत उपरोक्त आधारों पर आदेश दिया कि दिनांक 19.09.2014 को जो न्यायालय अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) कानपुर नगर ने किया है उसे क्रुटिपूर्ण पाता हूँ और निरस्त करता हूँ। जिसपर अपनेआप सीलिंग का अधिकार खत्म हो जाता है। उसी जमीन को बार-बार कुछ लोग भाडयंत्र करके कानपुर गौशाला सोसाइटी की जमीन पर मौरंग मण्डी स्थापित करने का प्रयास करते रहते हैं। जिससे कि यह बेशकीमती जमीन जो हाईवे रोड के किनारे है इसमें मौरंग मण्डी आपके आदेश से स्थापित हो जाये फिर उसपर वह लोग अनाधिकृत कब्जा कर मकान आदि बनवाने का भाडयंत्र करेगें। कानपुर गौशाला सोसाइटी की जो जमीने सड़क के किनारे हैं वह बेशकीमती हो गयी है। उनकी कीमत लगभग 2 करोड़ से लेकर 3 करोड़ तक प्रति बीघा हो गयी है। इसलिए कुछ लोगों की नजर उक्त जमीन पर है।कानपुर गौशाला सोसाइटी के साथ हो रहे अन्याय को न्याय मिल जायेगा और आपसे अपेक्षा है कि जबतक स्थिति स्पष्ट न हो तब तक मौरंग मण्डी को भौती प्रतापपुर में नई मौरंग मण्डी को स्थापित करने का आदेश न करें।शिष्ट मण्डल में सुरेश गुप्ता, काशी प्रसाद शर्मा, श्रीकृष्ण गुप्त बब्बू", सुबोध अग्रवाल, धर्मप्रकाश गुप्त, नीरज प्रकाश दीक्षित, शेष नरायन त्रिवेदी (पप्पू), रमेशचन्द्र मिश्रा, श्यामकृष्ण कनौडिया आदि थे।
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