रिपोर्ट: विनोद विरोधी
गया। राज्य में बढ़ती आपराधिक घटनायें, लूट, अपहरण, बलात्कार, भ्रष्टाचार के खिलाफ इंडिया गठबंधन के समर्थकों ने गया स्थित गांधी मैदान से विशाल प्रतिरोध मार्च निकाला जो रायकाशीनाथ मोड़, व्यवहार न्यायालय होते समाहरणालय पहुंच कर सभा में तब्दील हो गई ।प्रतिरोध मार्च में कॉंग्रेस, राजद, सीपीआई, सीपीआई ( एम ), सीपीआई ( एम एल), वीआईपी पार्टी के समर्थकों ने अपने हाथों में पार्टी झंडा एवं तख्तियां लेकर नीतीश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रतिरोध मार्च का नेतृत्व राजद के जिलाध्यक्ष मो. मुर्शिद आलम उर्फ निजाम,कॉंग्रेस के जिलाध्यक्ष डॉ गगन मिश्रा, प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता प्रो विजय कुमार मिट्ठू, भाकपा माले के जिला सचिव निरंजन कुमार, ऐपवा के जिला सचिव, भाकपा के जिला सचिव सीताराम शर्मा, मो.याहिया, माकपा के जिला सचिव रामखेलावन दास, वीआईपी के जिलाध्यक्ष राज किशोर सहनी, पूर्व सांसद राजेश मांझी, पूर्व विधायक समता देवी, पूर्व विधायक मो. खान अली, राजद टिकारी अध्यक्ष सुभाष यादव, नगर अध्यक्ष जितेंद्र यादव, युवा कॉंग्रेस के प्रदेश महामंत्री डॉ शशि शेखर, सुमंत कुमार, युवा राजद के विश्वनाथ यादव, सरस्वती देवी आदि ने किया।प्रतिरोध मार्च में इंडिया गठबंधन के संपूर्ण जिला से आए राज़द के वीरेंद्र कुमार गोप, विनय कुशवाहा, आकाश पासवान, मिथिलेश मांझी,प्रवीण कुमार शर्मा, विनोद शर्मा, कॉंग्रेस के युगल किशोर सिंह, विपिन बिहारी सिन्हा शशि किशोर शिशु, गिरेनदर कुमार, अमित कुमार सिंह उर्फ रिंकू, नवल किशोर शर्मा, शशि कांत कुमार, शिव कुमार चौरसिया धर्मेंद्र कुमार निराला, नवीन कुमार केदार प्रसाद, वीरेंद्र कुमार वीरू, मो. नवाब अली, मो. अजहरुद्दीन, साद आलम, भाकपा माले के तारिक अनवर समेत इंडिया गठबंधन के सैकड़ों समर्थक शामिल हुए।प्रतिरोध मार्च में शामिल इंडिया गठबंधन के नेताओं ने बिहार में कानून का राज स्थापित करने , हत्या, लूट, अपहरण, बलात्कार की घटनाएं बंद कराओ, भ्रष्टाचार को समाप्त करो आदि नारों को बुलंद कर रहे थे। बाद में प्रतिरोध मार्च समाहरणालय के पास पहुंच कर सभा में तब्दील हो गई। सभा का संचालन भाकपा माले के जिला सचिव निरंजन कुमार ने किया।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि बिहार में नित्य दिन आपराधिक घटनायें घट रही है। राज्य के पूर्व मंत्री व वीआईपी पार्टी के प्रमुख मुकेश साहनी के पिता की निर्मम हत्या, एक सप्ताह में 12 नाबालिग के साथ बलात्कार की घटनाएं से आमजन भयभीत एवं सशंकित है।सूबे में भ्रष्टाचार का आलम यह है कि गंगा नदी से लेकर राज्य के कई छोटी- बड़ी नदियों पर बने या बन रहे दर्जनों पुलों के धराशायी होने पर सूबे के मुख्यमंत्री अधिकारियों, अभियंताओं पर सख्त करवाई करने के बजाय उनके पैर पकड़ने की बात आम सभा में कर भ्रष्टाचार को पराकाष्ठा पर पहुँचा रहे हैं।सभा की समाप्ति के उपरांत 11 सदस्यों का प्रतिनिधि मंडल जिलाधिकारी के प्रतिनिधि अनुमंडल पदाधिकारी सदर गया को महामहिम राज्यपाल बिहार के नाम ज्ञापन दिया गया।
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