रिपोर्ट - मनोज कुमार पाण्डेय
दूबहर, बलिया। स्थानीय विद्युत उपकेंद्र से बिना रोस्टर प्रणाली अघोषित बिजली कटौती एवं विद्युत आपूर्ति में मनमानी व लापरवाही के कारण दुबहर विद्युत फीडर से जुड़े समस्त गांव के उपभोक्ता त्रस्त है। बिजली कब आएगी, कब जाएगी कोई ठीक नहीं है। उसमें भी जर्जर विद्युत तारों के बार-बार टूटने, कभी-कभी कहीं से फ्यूज उड़ने, जंपर उड़ने तथा लो वोल्टेज के कारण और काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसी प्रकार की मरम्मत आदि की समस्या आने पर दूबहर विद्युत फीडर से जुड़े कर्मचारियों द्वारा फोन तक रिसीव नहीं करने के कारण बाध्य होकर प्राइवेट लाइन मैंन को उपभोक्ताओं को अपने पास से रुपया देकर मरम्मत करना पड़ता है। इस उमस भारी भीषण गर्मी में लोग विशेष कर बच्चे और पूरे दिन परेशान रहते हैं। बरसात के मौसम में बिजली चले जाने के बाद अंधेरे में मच्छरों, कीड़े मकोड़े तथा विषैला जीव जंतुओं का प्रकोप बढ़ जाता है। दिन तो दिन रात में भी प्रायः बिजली के अनियमित रोस्टर प्रणाली से आने जाने का यही हाल है।दिन में लगभग 2:00 बजे से 3:00 बजे के बीच बिजली आने के बाद सुबह 6:00 तक अनेकों बार आधे घंटे से एक घंटा तक बिजली काट दी जाती है। सप्ताह में 2 से 3 बार कभी 11 केवी लाइन में कभी 35 केवी लाइन में फॉल्ट आने के कारण घंटों बिजली बाधित रहती है। इसके कारण लोग रात-रात भर जाग कर शासन प्रशासन को कोसते हुए समय व्यतीत करते हैं। बिजली के आंख मिचौली के कारण अध्यनरत छात्र, छात्राओं की पढ़ाई भी बुरी तरह बाधित हो रही है, क्षेत्र के उपभोक्ताओं ने शासन प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए प्रदेश सरकार के मनसा के अनुरूप 18 घंटे विद्युत आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।
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