रिपोर्ट - धनंजय शर्मा
बेल्थरारोड, बलिया। अखिल भारत वर्षीय गोंड महासभा के तत्वाधान में बेल्थरारोड के गरगजपुर( विगह जमीन विगह)में आज विश्व आदिवासी दिवस पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
आपको बताते चलें कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 23 दिसंबर 1994 को एक प्रस्ताव पारित कर 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाने का निर्णय लिया। इस दिन को अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी आबादी पर राष्ट्र कार्य समूह की पहली बैठक की याद में सुना गया। जो 1982 में स्विट्जरलैंड के जेनेवा में आयोजित की गई थी। दुनिया भर में पहला अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी दिवस 9 अगस्त 1995 को बनाया गया था।
गरगज पर में आयोजित समारोह की औपचारिक शुरुवात बिरसा मुंडा और महारानी दुर्गावती के तैल्य चित्र पर पुष्पांजलि और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद आयोजक मंडल द्वारा मुख्य अतिथि का माला पहनाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अखिल भारत वर्षीय गोंड महासभा के प्रदेश अध्यक्ष राजेश गोंड द्वारा विश्व आदिवासी दिवस पर विस्तृत रूप से चर्चा करते हुए उसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में पूर्व कैप्टन भूमध्य कन्हैया गोंड मरावी ने गोंडी धर्म संस्कृति को बढ़ावा देने और अपनाने की अपील की। इस कार्यक्रम में चंद्रशेखर गोंड ने गीत "बिरसा मुंडा क कीर्ति महान बा, जनता जहांन बा" गाकर शमां बाध दिया। कार्यक्रम को जिला पंचायत सदस्य विनय गोंड, अन्नपूर्णा गोंड, राहुल गोंड,अमरनाथ गोंड, बृजेश गोंड, गुलाबचंद गोंड,अनिल गोंड, श्रीकांत गोंड,आदि ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर गीता गोंड, राम सिंह गोंड अक्षय पाल गोंड, अमन कुमार गोंड,पन्नालाल गोंड, गंगा प्रसाद,रमेश गोंड, सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व जिला अध्यक्ष गुलाबचंद गोंड तथा संचालन डॉक्टर विष्णु प्रसाद गोंड ने किया।
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